जबलपुर। सिहोरा को पूर्ण जिला बनाने की दशकों पुरानी मांग को लेकर लक्ष्य सिहोरा जिला आंदोलन समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जबलपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में अनूठा प्रदर्शन किया। समिति सदस्यों ने वहां भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर से सीधी मुलाकात की और मध्य प्रदेश शासन तथा संगठन के शीर्ष नेतृत्व के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विधानसभा चुनाव 2023 की प्रचार सभाओं में नेताओं द्वारा मंच से किए गए वादों की ऑडियो क्लिप साउंड बॉक्स पर बजाकर सुनाई। समिति ने याद दिलाया कि नवंबर 2023 में भाजपा प्रत्याशी संतोष बरकड़े के समर्थन में सिहोरा पहुंचीं तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सत्ता में वापसी पर जिला निर्माण का स्पष्ट भरोसा दिलाया था।
साउंड बॉक्स से गूंजे नेताओं के चुनावी बोल
प्रदर्शन के दौरान समिति के सदस्य अपने साथ विशेष साउंड बॉक्स लेकर पहुंचे थे। कार्यालय परिसर में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सामने चुनावी सभाओं के वास्तविक भाषणों की रिकॉर्डिंग चालू की गई। इन कतरनों में वरिष्ठ नेताओं ने जनता को विश्वास दिलाया था कि चुनाव जीतते ही क्षेत्र को प्रशासनिक जिले का दर्जा दे दिया जाएगा। सदस्यों का स्पष्ट कहना था कि यह तरीका किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की स्मृति को ताज़ा करने के उद्देश्य से अपनाया गया। क्षेत्रीय जनता वर्षों से नई प्रशासनिक इकाई की बाट जोह रही है, मगर हर बार मतदान बीतते ही बात ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा संगठन को ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय जनभावनाओं को जोरदार ढंग से रखते हुए मांग पत्र भेंट किया। ज्ञापन में रेखांकित किया गया कि सिहोरा भौगोलिक, आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से जिला मुख्यालय बनने के सभी मानक पूर्ण करता है। नेताओं के आश्वासनों पर भरोसा जताकर नागरिकों ने मतदान किया था, इसलिए अब सरकार को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। समिति ने आगाह किया कि जब तक सिहोरा को पूर्ण जिले का दर्जा देने का विधिवत गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं हो जाता, तब तक उनका जन-जागरण अभियान निरंतर जारी रहेगा।
