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| एआई आधारित फोटो |
गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने बताया कि संजीवनीनगर निवासी प्रियंका ढिमोले ने कालीमठ मदनमहल निवासी शिवम ढिमोले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उसका कहना था कि वह रिश्ते का देवर लगता है। पारिवारिक संबंध होने से उसके परिवार वाले शिवम ढिमोले पर विश्वास करते थे। शिवम उसके पति नितिन ढिमोले के आफिस में काम करता था, जो समय समय पर पति से आर्थिक सहायता लेता रहा। 8 सितंबर 23 को दोपहर लगभग 12 बजे शिवम घर आकर पति नितिन से रूपये की आवश्यकता होने पर रूपये उधार मांगने लगा। पति ने कहा कि अभी पैसे नहीं है। जब होंगे तो देने के लिये कहा। शिवम अत्यंत भावुक होकर उससे कहा कि आप अपने गहने दे दीजिये। इससे ऋ़ण लेकर 6-7 माह में गहने वापस करने कहा। शिवम के कहे अनुसार उसे रूपये की आवश्यकता होने से वह एवं उसके पति ने शिवम को हीरे एवं स्वर्ण आभूषण, जिसमें डायमंड ईयर रिंग 1 जोड़ी, सोने का हार तथा मैचिंग के 2 ईयर रिंग, कड़ा 2 नग, 1 चैन, डायमंड रिंग 1 नग, सोने की अंगूठी 4 नग, ब्रेसलेट 1 नग, कुल वजनी लगभग 30 तोला सोना व हीरे के आभूषण कीमती लगभग 50 लाख रूपये के शिवम को दे दिये। उसने आभूषण देते समय अपने मोबाइल में आभूषणों की फोटो ली थी। शिवम द्वारा उक्त आभूषण मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड शाखा कटंगा मंे गिरवी रखकर ऋण प्राप्त किया था। शिवम द्वारा दिये गये समय के बाद उसने शिवम से अपने गहने मांगे तो आभूषण लाकर देने के लिये कहा। इस तरह 3 वर्ष हो गये, शिवम ने उसके गहने उसे वापस नहीं किये बल्की उन्ही गहनों से मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड शाखा कटंगा गोरखपुर से और ऋण लेता रहा। 3 माह पहले उसने शिवम से अपने गहने वापस मांगने पर गहने वापस करने से मना कर दिया। गहने वापस मांगने पर उसके पति नितिन ढिमोले को झूठे केस में फसाने की धमकी दिया। षिवम ढिमोले विश्वास में लेकर उससे आभूषण प्राप्त लेकर वापस नहीं कर रहा है। आभूषण गिरबी रखकर मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड में गिरवी रखकर ऋण प्राप्त कर राशि का उपयोग कर रहा है।
