जबलपुर। साइबर ठग इस तरह सक्रिय हो गए हैं कि वे किसी न किसी तरह लोगों की भावनाओं से खेलते हुए उनके बैंक खातों को खाली कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रांझी में सामने आया है, जिसमें एक 70 वर्षीय वयोवृद्ध को उसका बहनोई बनकर मैसेज किया गया। मैसेज में ढाई लाख मांगे गए। रिश्तेदार होने की वजह से वयोवृद्ध ठगों की बातों में आ गया और उसने ढाई लाख दिए गए स्कैनर में भेज दिया। जब उसे पता चला कि रिश्तेदार का मोबाइल हैक किया गया था तो वह सकपका गया। वयोवृद्ध ने मामले की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
रंाझी पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को व्हीएफजे के उदयनगर में रहने वाले सनत कुमार बेनर्जी ने सायबर सेल से लिखित शिकायत की है कि 30 सितंबर को शाम लगभग 5-40 बजे उसके मोबाइल पर व्हाटसएप में उसके बहनोई आगरा निवासी राकेश कुमार सिंह का मैसेज आया कि उसे 55 हजार रूपये की आवश्यकता है। उसका यूपीआई काम नहीं कर रहा है। एक घंटे में वापस करने के लिये कहा। उन्होनें जो यूपीआई आईडी दिया, वो किसी मनीष पासवान के नाम से था। उसने उनकी बातों पर भरोसा कर 2 बार में 50 हजार रूपये गूगल पैसे भेज दिया। लेकिन उसे बैंक से मैसेज आया कि एक ही व्यक्ति बार बार पैसे भेज रहे है। चैक करने को कहा, उसने राकेश को कॉल किया तो उनका मोबाइल बंद आया। अन्य रिश्तेदार से पता चला कि ऐसे मैसेज कई लोगों को आ रहे है। बाद में राकेश कुमार से बात हुई जो बताये कि उनका मोबाइल हैक हो गया है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके साथ धोखाधड़ी कर पैसे हड़प लिये।
