जबलपुर। मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान 9 अक्टूबर को जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण घनश्याम सोनी ने कुंडम विकासखंड स्थित शासकीय हाईस्कूल तिलसानी का औचक निरीक्षण किया था, जहां शैक्षणिक स्तर और छात्र उपस्थिति में गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संयुक्त संचालक ने 12 अक्टूबर को प्रभारी प्राचार्य अर्चना यादव और शिक्षक अशोक साहू, संगीत नोरोजी, गुलफिसा नूरी, ममता ठाकुर एवं रंजना प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 17 अक्टूबर को प्रस्तुत किया गया इन सभी का स्पष्टीकरण पूरी तरह असंतोषजनक रहा, जिसके बाद संयुक्त संचालक ने इन पांचों शिक्षकों की 1-1 वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी। वहीं प्रभारी प्राचार्य अर्चना यादव की 2 वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का प्रस्ताव आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा गया है। इसके अलावा क्षेत्रीय विकासखंड स्रोत समन्वयक और जनशिक्षक को भी स्कूलों की सतत निगरानी न करने के चलते कड़ी चेतावनी जारी की गई है।
निरीक्षण में उजागर हुई कक्षाओं की भारी दुर्दशा
जांच के दौरान कक्षाओं में छात्र संख्या बेहद कम पाई गई, जिसे सुधारने के लिए संस्था स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं चल रही थी। बच्चों का पढ़ाई का स्तर निर्धारित मानकों से काफी कमजोर मिला और बोर्ड परीक्षा परिणामों में भी पिछले साल के मुकाबले गिरावट दर्ज हुई। शिक्षकों द्वारा अध्यापन से जुड़ी डेली डायरी और छात्र उपस्थिति पंजी अपूर्ण रखी गई थीं, साथ ही विद्यार्थियों को गृहकार्य देने का काम भी पूरी तरह उपेक्षित था। इसके साथ ही पूरे स्कूल परिसर में साफ-सफाई का व्यापक अभाव देखा गया, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा था।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी तनीं भृकुटियां
विकासखंड स्तर पर मॉनिटरिंग की कमी को देखते हुए जनशिक्षक और विकासखंड स्रोत समन्वयक को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने कार्यक्षेत्र के स्कूलों का नियमित दौरा करें। व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर औचक जांच करने और शैक्षणिक कमियों को दूर कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र शिथिल पाए जाने की स्थिति में अब सीधे पर्यवेक्षण अमले की जवाबदेही तय करने का फैसला लिया गया है, ताकि शासकीय योजनाओं और अध्यापन का लाभ विद्यार्थियों तक सीधे पहुंच सके।
संभागभर के स्कूलों को जारी हुए कड़े फरमान
संयुक्त संचालक ने संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और बीआरसीसी को स्कूलों में पठन-पाठन की गुणवत्ता पर पैनी नजर रखने का आदेश दिया है। अब प्रत्येक शिक्षक के पास हर बच्चे की अकादमिक प्रगति का पूरा ब्यौरा मौजूद होना अनिवार्य कर दिया गया है। कक्षा में जाने से पहले पाठ योजना और अभिलेखों को अद्यतन रखना शिक्षकों के लिए जरूरी होगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दौरों के समय दस्तावेजों के रख-रखाव, शाला की स्वच्छता और उपस्थिति का मौके पर ही सत्यापन करें।
