जबलपुर। जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 1 पर सुबह संघमित्रा एक्सप्रेस के रुकते ही रेल नीर बेचने के विवाद में अनाधिकृत वेंडर ने अधिकृत वेंडर नितिन पर अचानक हमला बोल दिया। कोच की खिड़की से यात्री द्वारा पानी मांगने पर आगे बढ़कर जबरन बोतल थमाने की कोशिश के बाद भड़की बहस में आरोपी ने नितिन के चेहरे पर जोरदार प्रहार किया, जिससे उसका होंठ गहरे घाव के साथ कट गया। कैंटीन प्रबंधन के जरिए पीड़ित को फौरन निजी अस्पताल ले जाकर डॉक्टरी देखरेख में 4 टांके लगवाए गए। इधर मामले की सूचना पाकर जीआरपी दस्ता घटनास्थल तक जरूर दौड़ा, मगर बगैर किसी धरपकड़ या पूछताछ के वापस थाने लौट गया, जिससे प्रशासनिक सतर्कता कटघरे में आ गई।
बोगी की खिड़की पर बोतल छीनने की होड़
गाड़ी रुकते ही दोनों पक्षों के बीच यात्रियों को सामान थमाने की जबरदस्त छीनाझपटी शुरू हुई थी। नियमों के तहत निर्धारित काम करने वाले कर्मी को दरकिनार कर फर्जी पहचान के सहारे खाद्य सामग्री बेचने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं। इसी मनमानी का विरोध करने पर बात हाथापाई तक जा पहुंची। सार्वजनिक स्थल पर यात्रियों के सामने खुलेआम हुई इस हिंसक वारदात से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ पीड़ित को प्राथमिक उपचार दिलाकर छुट्टी दे दी गई, मगर हमलावर बेखौफ घूम रहा है। वर्दीधारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर भी आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम न उठाना गंभीर लापरवाही उजागर करता है। इस उदासीन रवैये के चलते ट्रेनों में अधिकृत पास के बिना अनियंत्रित तरीके से खान-पान आपूर्ति करने वालों का आतंक निरंतर बढ़ता जा रहा है।
