khabar abhi tak

मंत्री राकेश सिंह को अचानक दिल्ली से बुलावा,सारे कार्यक्रम रद्द



जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह शनिवार 24 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की एक बेहद जरूरी संगठनात्मक बैठक में सम्मिलित होने जा रहे हैं। इस बात की अधिकृत पुष्टि करते हुए भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्रीकान्त साहू ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर अचानक तय हुए इस अहम दौरे के कारण जबलपुर में निर्धारित मंत्री के अगले 2 दिनों के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक कैबिनेट मंत्री कल दोपहर 12 बजे पहले जबलपुर से भोपाल पहुंचेंगे और फिर वहां से विमान मार्ग द्वारा सीधे देश की राजधानी दिल्ली की ओर रुख करेंगे। इस आकस्मिक प्रवास को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। सत्ता और संगठन के गलियारों में इस अप्रत्याशित दिल्ली रवानगी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं और कई तरह की संभावना है लेकिन अभी कुछ भी हो सकता नहीं है। अचानक मिले बुलावें की वजह से प्रशासनिक अमले और पार्टी कार्यकर्ताओं की तैयारियों पर विराम लग गया है। लंबे समय बाद ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है जब किसी अति महत्वपूर्ण बैठक के लिए स्थानीय स्तर पर प्रस्तावित सभी कार्यक्रमों को स्थगित करना पड़ा है।

भेड़ाघाट में नर्मदा महोत्सव में शामिल नहीं होंगे

​यह पहला अवसर होगा जब शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक नर्मदा महोत्सव में श्री सिंह उपस्थित नहीं रह पाएंगे। वर्षों से चली आ रही इस स्थापित परंपरा के टूटने से स्थानीय नागरिक और सांस्कृतिक जगत के लोग भी चकित हैं। सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ क्षेत्र में जनसमस्याओं के निवारण और विकास कार्यों के शिलान्यास से संबंधित सभी पूर्व नियोजित बैठकों को भी अब आगे बढ़ा दिया गया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आगामी रणनीति, संगठनात्मक फेरबदल और सरकार के महत्वपूर्ण कामकाज की समीक्षा के मद्देनजर यह मंथन बुलाया गया माना जा रहा है। भोपाल के रास्ते दिल्ली का सफर तय करते हुए मंत्री जी केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। अचानक बदले इस यात्रा कार्यक्रम से पूरे महाकोशल अंचल में भारी हलचल मच गई है। संगठन के आला नेताओं की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि राजधानी में होने वाली इस गोपनीय बैठक के बाद प्रदेश की सियासत में कौन से नए समीकरण जन्म लेते हैं।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak