जबलपुर/कटनी। कटनी के कुठला थाना परिसर में स्वयं को पेट्रोल डालकर आग लगाने वाले दलपत पटेल की मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। दलपत की मौत के बाद आज जबलपुर से शव कटनी लाया गया। दलपत की मौत से गुस्साए परिजनों व क्षेत्रीय लोगों ने इंदिरा नगर मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। परिजनों ने मामले में पुलिस पर मारपीट व प्रताडि़त किए जाने के आरोप लगाए है। सभी लोगो मारपीट में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना था कि दलपत पटेल का बेटा मोहित चोरी के एक मामले में जेल में बंद है। मामले की जांच के दौरान मोहित की मां के शामिल होने के भी कुछ सबूत मिले थे। पुलिस ने महिला को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पुलिस का कहना था कि सबूतों के आधार पर महिला को सह-आरोपी बनाया जा सकता था। परिजनों का दावा है कि पुलिस जांच के नाम पर उन्हें परेशान कर रही थी। अपनी पत्नी के खिलाफ संभावित कानूनी कार्यवाही व थाने में हुए दुर्व्यवहार से आक्रोशित होकर दलपत पटेल थाने पहुंचा था, जहां उसने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। पुलिस कर्मियों ने देखा तो आग बुझाकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर हालत को देखते हुए जबलपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। मेडिकल अस्पताल में दलपत की आज उपचार के दौरान मौत हो गई। यहां पर पोस्टमार्टम के बाद शव को कटनी भेजा गया। दलपत पटेल का शव जबलपुर से कटनी पहुंचते ही परिजनों ने सड़क पर रखकर यातायात रोक दिया। मृतक की बेटी रेशमा पटेल ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। रेशमा पटेल ने बताया कि पुलिस ने उनकी मां के साथ थाने में मारपीट की और पिता को भी लगातार परेशान किया जा रहा था। पुलिस के दबाव से परेशान होकर ही उनके पिता ने यह कदम उठाया। उन्होंने मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद थाने के बाहर परिजनों और ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थानों की पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सड़क पर चक्काजाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस के उच्च अधिकारी परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाने की कोशिशों में लगे रहे।
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