जबलपुर। जिले के ग्रामीण और उपनगरीय इलाकों में खनिजों के अवैध दोहन, भंडारण और बिना वैध ईटीपी परिवहन करने वालों के विरुद्ध खनिज विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर खनिज अमले ने शुक्रवार को अलसुबह से ही मानेगांव, बरेला, सिलुआ और तिलवारा क्षेत्रों में सघन जांच अभियान शुरू किया। इस औचक जांच के दौरान अवैध रूप से गिट्टी, मुरम और एम-सैंड ढो रहे 4 डंपरों को जब्त किया गया। पकड़े गए वाहनों के पास खनिज परिवहन से जुड़े जरूरी ईटीपी दस्तावेज और खनिज रॉयल्टी रसीदें उपलब्ध नहीं थीं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासन को राजस्व का चूना लगाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ अब प्रकरण तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
बरेला और तिलवारा पुलिस को सौंपे वाहन, आरटीओ से मांगी मालिकों की जानकारी
खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा के नेतृत्व में गठित जांच दल ने मानेगांव और बरेला क्षेत्र में निगरानी बढ़ाकर गिट्टी व एम-सैंड से लदे 2 डंपर पकड़े, जिन्हें सुरक्षित रूप से बरेला थाने में खड़ा करवाया गया है। इसी तरह तिलवारा क्षेत्र से मुरम और एम-सैंड का अवैध परिवहन कर रहे 2 अन्य डंपरों को जब्त कर तिलवारा पुलिस के सुपुर्द किया गया। पकड़े गए वाहनों में डंपर क्रमांक एमपी 07 एचबी 3631 और एमपी 20 जीए 5808 प्रमुख हैं। इन वाहनों के मालिकों का वास्तविक ब्योरा जुटाने के लिए खनिज विभाग द्वारा परिवहन विभाग को पत्र लिखा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खनिज ढोने वाले सभी वाहनों में अनिवार्य आरएफ टैग की भी जांच की जा रही है। बिना आरएफ टैग और बिना ईटीपी दौड़ने वाले वाहनों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी धरपकड़ कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी दीपा बारेवार, विवेकानंद यादव, शिवपाल चौधरी सहित खनिज निरीक्षक अनिल तिवारी, स्वाति खोब्रागडे और वीरेंद्र पांडे की मुख्य भूमिका रही।
