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सिरफिरे युवक ने की नाना-नानी, मां, बहन की नृशंस हत्या, 4 घायल, पुजारी की हालत गंभीर, जबलपुर भेजा गया

 

जबलपुर/अनूपपुर। अनूपपुर के आमोदा गांव में एक दिल-दहलाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां पर एक सिरफिरे युवक ने अपने नाना, नानी, मां व मामा की बेटी की लाठी से पीट-पीट कर हत्या कर दी। परिजनों पर हमला होते देख अन्य सदस्य बीच बचाव करने आए तो उनपर भी हमला कर दिया, जिसमें 4 लोगों को चोटें आई। जिसमें घायल पुजारी गंगाराम की हालत को देखते हुए जबलपुर के निजी अस्पताल रेफर किया गया है। इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई, खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिन्होने आरोपी को तलाश करते हुए बंदी को बंदी बना लिया है। 



हमले में इनकी हुई है मौत-

-नानी भन्नीबाई गौंड़ उम्र 70 वर्ष

-नाना संपत सिंह उम्र 75 वर्ष

-मां अनूपियाबाई 50 वर्ष

-मामा की बेटी मोनिका 

इनकी हालत गंभीर-

-चंचल उम्र 6 वर्ष,

-भारती सिंह 3 वर्ष, 

-चैन सिंह 

-पुजारी गंगाराम 

                                                                 पुलिस को पूछताछ में आरोपी प्रेमसिंह के मामा चैन सिंह निवासी गांव आमोदा ने बताया कि उनका घर बस्ती से करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास है। बीती रात करीब 11 बजे प्रेम सिंह नाला पार कर शनि मंदिर पहुंचा। यहां उसने पुजारी गंगाराम को लाठी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में पुजारी लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और प्रेम सिंह को रस्सी से बांध दिया। पुजारी के परिजन उन्हें बेहोशी की हालत में जबलपुर ले गए। उन्हें वहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुजारी मूल रूप से डिंडौरी के शहपुरा के छुइली गांव के रहने वाले हैं। इसके बाद आज सुबह चैन सिंह भैंस चराने जंगल की ओर गया था। इसी दौरान उनकी बहन अनूपिया बाई ने अपने बेटे प्रेम सिंह के हाथ-पैर खोल दिए। रस्सी खोलते ही वह नाला पार कर घर पहुंच गया। घर में चंचल उम्र 8 वर्ष, मोनिका 5वर्ष, भारती 2 वर्ष पिता संपत सिंह गोंड, मां भन्नी बाई और बहन अनूपिया मौजूद थे। प्रेम सिंह ने अंदर घुसते ही पत्थर और लाठी से हमला शुरू कर दिया। उसने जो भी सामने आया, उसे पीटा। उसने सबसे पहले माता-पिता और बहन के सिर, हाथ-पैर पर लाठी से वार किए। बच्चे भी आंगन में खेल रहे थे। उन्हें भी पीटा गया। चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोग घर से निकले लेकिन डर के कारण मदद के लिए आगे नही आए। हमले के दौरान बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर जंगल की तरफ भागी। उसने चैन सिंह को पूरी घटना बताई। चैन सिंह घर की तरफ दौड़े। वहां पहुंचते ही प्रेम सिंह ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। प्रेम सिंह को पकड़कर दोबारा रस्सी से बांध दिया। तब तक संपत सिंह, भन्नी बाई और अनुपिया की मौत हो चुकी थी। सभी घायलों को शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। यहां मोनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट आई है। बच्ची भारती की हालत गंभीर है, उसे आईसीयू में रखा गया है।

एक हफ्ते पहले ही इलाज के लिए मायके आई थी अनुपिया-

चैन सिंह ने बताया कि उनकी बहन अनुपिया का ससुराल उमरिया जिले के नौरोजाबाद के पास मरदरी गांव में है। उनके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे हैं। प्रेम सिंह बड़ा बेटा है। चैन सिंह के मुताबिक, प्रेम सिंह की मानसिक हालत ठीक नहीं है। अनुपिया भी तबीयत खराब होने के कारण करीब एक हफ्ते पहले इलाज कराने यहां आई थी। प्रेम सिंह तीन दिन पहले ही गांव आया था।

पत्नी मारपीट से परेशान होकर छोड़कर चली गई थी-

चैन सिंह ने बताया कि प्रेम सिंह की शादी हो चुकी थी। वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी।


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