सिविक सेंटर से अंबेडकर चौक तक पैदल मार्च निकाल कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
जबलपुर। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी को 27% आरक्षण का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए सामाजिक संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इसी सिलसिले में संयुक्त पिछड़ा वर्ग मोर्चा आगामी 24 अक्टूबर को जबलपुर के हृदय स्थल पर एक बड़ा पैदल मार्च आयोजित करने जा रहा है। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकार और प्रशासन का ध्यान पिछड़े वर्ग से जुड़े ज्वलंत मुद्दों की ओर खींचना है। मोर्चा का कहना है कि राज्य में आबादी के एक बड़े हिस्से को उसका संवैधानिक हक पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। न्यायालय में आरक्षण का मामला लंबित होने से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है।
अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने की तैयारी
पत्रकार वार्ता में मोर्चा के प्रमुख नेताओं ने साफ किया कि पिछड़ा वर्ग अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा। इसके लिए ठोस कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने की सख्त जरूरत है। मोर्चा के संयोजक रामरतन यादव ने रूपरेखा बताते हुए कहा कि 24 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे सिविक सेंटर स्थित नगर निगम उद्यान में हजारों लोग एकत्र होंगे। यहां से विशाल पैदल मार्च शुरू होकर करमचंद चौक से गुजरते हुए सीधे अंबेडकर चौक पहुंचेगा। अंबेडकर चौक पर स्थित संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने एकत्र होकर सभा की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस मार्च में विभिन्न जिलों से छात्र, बेरोजगार युवा और सामाजिक कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए सामाजिक एकजुटता का संदेश
इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पसमांदा मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं। सामाजिक संगठनों का मानना है कि जब तक सभी वंचित तबके एक मंच पर नहीं आएंगे, तब तक सामाजिक न्याय की लड़ाई अधूरी रहेगी। मोर्चा ने अपील की है कि सभी जागरूक नागरिक, प्रबुद्ध जन और युवा इस पैदल मार्च में अनुशासित ढंग से शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें। यह पूरा प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप संपन्न होगा।
