जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कटनी निवासी हिमांशु सोमवानी को 11.94 करोड़ के ऑनलाइन गेमिंग तथा सट्टा कारोबार से जुड़े मामले में दूसरी बार राहत देने से साफ इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अमित लाहोटी की एकलपीठ ने विशेष जांच दल अर्थात एसआईटी की सघन विवेचना को देखते हुए अर्जी खारिज करने का फैसला सुनाया। कटनी के कोतवाली थाने में 30 मार्च 2026 को ओम प्रकाश उर्फ ओ.पी. बर्मन ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके पैन कार्ड, पहचान दस्तावेज तथा छायाचित्र का अनुचित उपयोग करके कटनी कंप नाम से बोगस उद्यम व बैंक खाता संचालित किया गया। शासन की ओर से मामले में प्रभावी पैरवी शासकीय अधिवक्ता चंद्रकांत मिश्रा ने की।
फर्जीवाड़े से खोले गए खाते से कारोबार
पुलिस विवेचना के अनुसार अनधिकृत खाते से डिजिटल सट्टेबाजी के वित्तीय जाल का संचालन हो रहा था। बैंक रिकॉर्ड के सूक्ष्म परीक्षण से स्पष्ट हुआ कि 2 फरवरी 2025 से 1 अप्रैल 2026 की समय सीमा में भारी वित्तीय लेन-देन संपन्न कराया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूर्व में 22 जून 2026 को भी अदालत ने उसका रिहाई आवेदन रद्द कर दिया था, जिसके बाद यह नया आदेश जारी हुआ।
