khabar abhi tak

आरपीएफ को रेलवे बोर्ड को निर्देश, यार्ड में खड़े कोचों की लॉकिंग का कड़ाई से पालन हो

नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से खड़े किए गए कोचों की उचित लॉकिंग सुनिश्चित करने के लिए कड़ी जांच करने को कहा गया है. साथ ही रेलवे संपत्ति को आग के खतरों से बचाने के लिए निर्धारित संयुक्त प्रक्रिया आदेश (जेपीओ) का पूरी तरह से पालन हो रहा है या नहीं, इसे सत्यापित करने के लिए संयुक्त निरीक्षण और नियमित औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है.

इस साल 21 मई को नांदेड़ डिवीजन के नांदेड़ यार्ड में खड़े एक कोच में आग लगने की असामान्य घटना के बाद, रेलवे बोर्ड की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए गए. इस घटना के बाद, यह देखा गया कि खड़े कोच को एक स्वीकृत ताले (approved padlock) से सुरक्षित नहीं किया गया था, और कर्मचारी सिर्फ अंदर की कुंडी का उपयोग करके कोच को लॉक कर रहे थे.

रेलवे ने खड़े किए गए कोच से जुड़ी घटनाओं के बाद कोचिंग डिपो, यार्ड और स्टेबलिंग स्थानों पर सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए हैं, जिसके तहत अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कोच को ठीक से सुरक्षित किया जाए और निर्धारित लॉकिंग प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाए.

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि रेलवे बोर्ड ने खड़े कोच को सिर्फ अंदर की कुंडी से बंद करने की प्रथा को स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य करार दिया है. साथ ही, बोर्ड ने नियमित काउंसलिंग और निर्धारित प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू करके ग्राउंड स्टाफ के बीच जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है.

रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, संबंधित विभागों के अधिकारी और सुपरवाइजर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले कोचिंग डिपो, यार्ड और स्टेब्लिंग स्थानों पर सुरक्षा जांच करेंगे. साथ ही तय निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे. रेलवे ने सुपरवाइजर्स, शंटिंग स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल तकनीशियनों को उचित लॉकिंग प्रक्रियाओं और मानक आग-बचाव उपायों के बारे में जागरूक करने का भी निर्देश दिया है. इसके अलावा, इसने सभी कोचिंग डिपो और यार्डों में काम करने योग्या, स्वीकृत पैडलॉक की पर्याप्त उपलब्धता, खरीद और नियमित रख-रखाव पर जोर दिया है.

रेलवे ने यह भी निर्देश दिया है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद, मुख्यालय को एक समेकित अनुपालन रिपोर्ट सौंपी जानी चाहिए. इस रिपोर्ट में निरीक्षण किए गए स्थानों की कुल संख्या, काउंसलिंग पाने वाले कर्मचारियों की संख्या, निरीक्षण के दौरान पाई गई विशिष्ट कमियां और उन्हें दूर करने के लिए की गई सुधार संबंधी कार्रवाई शामिल होनी चाहिए.

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak