जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली खपत को ध्यान में रखते हुए खंडवा जिले के 132 केवी मूंदी सबस्टेशन में 50 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर चालू कर दिया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के अनुसार इस नए संयंत्र के जुड़ने से मूंदी केंद्र की कुल क्षमता 40 से बढ़कर 90 एमवीए तक पहुंच गई है, जिससे पूरे निमाड़ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति का प्रवाह अधिक सुचारू और लचीला बनेगा। वहीं अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुरेंद्र सोलंकी ने जानकारी दी कि इस विस्तार के बाद पूरे प्रदेश में कंपनी की कुल ट्रांसफार्मेशन पारेषण क्षमता 85,488 एमवीए के स्तर पर दर्ज की गई है। वर्तमान में संपूर्ण राज्य के भीतर विद्युत पारेषण का यह विशाल तंत्र 417 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशनों के जरिए संचालित किया जा रहा है। इस नेटवर्क की तकनीकी संरचना में 400 केवी के 14 केंद्र, 220 केवी के 88 केंद्र तथा 132 केवी क्षमता के 315 सबस्टेशन परस्पर जुड़े हुए हैं। ऊर्जा ग्रिड को निरंतर गतिमान रखने के उद्देश्य से राज्यभर में 1056 पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वोल्टेज स्तर के आधार पर इनमें 400 केवी वर्ग के 41, 220 केवी वर्ग के 220 एवं 132 केवी वर्ग के 795 उपकरण शामिल हैं। इस तकनीकी सुदृढ़ीकरण से आगामी समय में घरेलू और कृषि क्षेत्र के लोड का संतुलन साधने में भारी सहूलियत मिलेगी।
जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली खपत को ध्यान में रखते हुए खंडवा जिले के 132 केवी मूंदी सबस्टेशन में 50 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर चालू कर दिया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के अनुसार इस नए संयंत्र के जुड़ने से मूंदी केंद्र की कुल क्षमता 40 से बढ़कर 90 एमवीए तक पहुंच गई है, जिससे पूरे निमाड़ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति का प्रवाह अधिक सुचारू और लचीला बनेगा। वहीं अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुरेंद्र सोलंकी ने जानकारी दी कि इस विस्तार के बाद पूरे प्रदेश में कंपनी की कुल ट्रांसफार्मेशन पारेषण क्षमता 85,488 एमवीए के स्तर पर दर्ज की गई है। वर्तमान में संपूर्ण राज्य के भीतर विद्युत पारेषण का यह विशाल तंत्र 417 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशनों के जरिए संचालित किया जा रहा है। इस नेटवर्क की तकनीकी संरचना में 400 केवी के 14 केंद्र, 220 केवी के 88 केंद्र तथा 132 केवी क्षमता के 315 सबस्टेशन परस्पर जुड़े हुए हैं। ऊर्जा ग्रिड को निरंतर गतिमान रखने के उद्देश्य से राज्यभर में 1056 पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वोल्टेज स्तर के आधार पर इनमें 400 केवी वर्ग के 41, 220 केवी वर्ग के 220 एवं 132 केवी वर्ग के 795 उपकरण शामिल हैं। इस तकनीकी सुदृढ़ीकरण से आगामी समय में घरेलू और कृषि क्षेत्र के लोड का संतुलन साधने में भारी सहूलियत मिलेगी।
