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EPFO की सौगात : अब व्हाट्सएप पर चेक करें पीएफ बैलेंस और क्लेम स्टेटस

नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों की सुविधा के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल और सेवाएं शुरू की हैं. संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस चैनल के माध्यम से सदस्यों को महत्वपूर्ण अपडेट, योजना अलर्ट और आधिकारिक घोषणाएं तुरंत मिलेंगी.

मिलेगी 24 घंटे सुविधाएं

इस पहल के तहत सदस्य अब आसानी से अपना पीएफ बैलेंस चेक कर सकते हैं और पिछले पांच लेनदेन का विवरण देख सकते हैं. इसके अलावा, सदस्य अपने पीएफ क्लेम का स्टेटस भी व्हाट्सएप पर ही ट्रैक कर सकेंगे. यह सेवा स्वचालित प्रणाली के माध्यम से 24/7 उपलब्ध रहेगी, जिससे बेसिक खातों से जुड़े प्रश्नों का त्वरित समाधान संभव होगा.

रजिस्टर्ड नंबर से करें शुरुआत

सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को EPFO के नीले टिक से सत्यापित व्हाट्सएप नंबर पर 'Hello' लिखकर संदेश भेजना होगा. सदस्य अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी सीधे सूचनाएं प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं.

ऑफिस के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया के अनुसार, अधिकांश सदस्य पहले से ही व्हाट्सएप का उपयोग करते हैं, जिससे यह माध्यम काफी व्यावहारिक है. इस सेवा से सदस्यों को कार्यालय जाने या कॉल सेंटर पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी. साथ ही, क्षेत्रीय भाषाओं में सुविधा मिलने से उपयोगकर्ताओं का अनुभव और बेहतर होगा.

मुख्य विशेषताएं और सेवाएं:

 24/7 उपलब्धता: स्वचालित प्रणाली (Chatbot) के माध्यम से सदस्यों के बुनियादी सवालों के जवाब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे.
 बैलेंस और लेनदेन की जानकारी: सदस्य अपने व्हाट्सएप के जरिए पीएफ खाते का कुल बैलेंस जान सकते हैं और पिछले पांच लेनदेन का विवरण आसानी से देख सकते हैं.

 क्लेम स्टेटस की ट्रैकिंग: ईपीएफ खाते से निकाले जाने वाले पैसों या ट्रांसफर्स (Claims) की स्थिति का पता लगाने के लिए अब किसी पोर्टल पर लॉगिन करने की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा; यह काम व्हाट्सएप पर ही संभव होगा.
 सत्यापित पहचान (Official Verification): धोखाधड़ी से बचाने के लिए EPFO ने एक आधिकारिक और ब्लू-टिक (Verified) नंबर जारी किया है, जिस पर केवल 'Hello' लिखकर बातचीत शुरू की जा सकती है.

यह कदम क्यों महत्वपूर्ण है?

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि इस सेवा को शुरू करने के पीछे मुख्य कारण यह है कि अधिकांश पीएफ धारक दैनिक जीवन में व्हाट्सएप का उपयोग करते हैं. इस सुविधा के माध्यम से सदस्यों को क्षेत्रीय भाषाओं में बातचीत करने और जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.

इससे न केवल सदस्यों को ईपीएफओ कार्यालयों के चक्कर काटने और कॉल सेंटर पर समय बिताने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायतों और कानूनी मामलों का बोझ कम होगा.

विशेष रूप से 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' (PMVBRY) के अंतर्गत आने वाले उन सदस्यों को भी सहायता मिलेगी जिन्हें आधार प्रमाणीकरण या प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) सक्रिय करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है.


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