नई दिल्ली. देश में रोजमर्रा की चीजों की कीमतों का दबाव अगस्त में बढ़ा है. अगस्त 2026 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई पर आधारित खुदरा महंगाई 4.82 प्रतिशत रही. जुलाई के मुकाबले अगस्त के आंकड़ों में महंगाई का दबाव कितना बदला, इसे समझने के लिए यह आंकड़ा अहम है, क्योंकि सीपीआई के जरिए खाने-पीने की चीजों से लेकर घर, स्वास्थ्य, शिक्षा और ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं की कीमतों में बदलाव को देखा जाता है.
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में खाने-पीने की चीजों की महंगाई यानी कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स 5.95 प्रतिशत रही. यानी आम खुदरा महंगाई के मुकाबले खाद्य महंगाई का दबाव ज्यादा रहा. ग्रामीण इलाकों में भी महंगाई शहरों की तुलना में ज्यादा रही.
गांवों में महंगाई का दबाव ज्यादा
अगस्त में ग्रामीण इलाकों की खुदरा महंगाई 5.23त्न रही. वहीं शहरी इलाकों में यह 4.31 प्रतिशत दर्ज की गई. यानी गांवों में रहने वाले लोगों पर कीमतों का दबाव शहरों के मुकाबले ज्यादा रहा. खाने-पीने की चीजों की महंगाई भी ग्रामीण इलाकों में 6.13 प्रतिशत रही, जबकि शहरों में यह 5.64 प्रतिशत दर्ज की गई.
पर्सनल केयर की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ीं
अलग-अलग खर्च की कैटेगरी देखें तो पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और इससे जुड़ी चीजों और सेवाओं की महंगाई सबसे ज्यादा 15.17 प्रतिशत रही. इसके बाद रेस्टोरेंट और अकोमोडेशन सर्विसेज में 8.38 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई. फूड और बेवरेज कैटेगरी में कीमतों की बढ़ोतरी 5.66 प्रतिशत रही. पान, तंबाकू और दूसरे नशीले उत्पादों की महंगाई 4.71 प्रतिशत रही. ट्रांसपोर्ट में 4.60 प्रतिशत और शिक्षा सेवाओं में 3.73 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई.
घर और स्वास्थ्य से जुड़ी महंगाई कितनी रही
कपड़े और जूते-चप्पल की कीमतों में 3.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही. फर्निशिंग, घरेलू सामान और घर के रोजमर्रा के रखरखाव से जुड़ी चीजों में महंगाई 2.68 प्रतिशत रही. हाउसिंग, पानी, बिजली, गैस और दूसरे ईंधन की कैटेगरी में महंगाई 2.61 प्रतिशत दर्ज की गई. वहीं सूचना और संचार से जुड़ी सेवाओं में यह 2.01 प्रतिशत रही. मनोरंजन, खेल और संस्कृति से जुड़ी चीजों में महंगाई 1.74 प्रतिशत रही. स्वास्थ्य सेवाओं में कीमतों की बढ़ोतरी सबसे कम 1.34 प्रतिशत दर्ज की गई.
थोक महंगाई दर
सभी वस्तुओं के लिए कुल थोक महंगाई दर अगस्त में 110.8 पर रही. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, यह साल-दर-साल आधार पर यह 9.92 फीसदी की बढ़ोतरी है. इससे पहले जुलाई में थोक महंगाई दर 9.48 फीसदी पर थी.
