जबलपुर। संस्कारधानी में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने की प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने विभागीय अमले के साथ गौरीघाट रोड स्थित झंडा चौक से शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज होते हुए पवित्र मां नर्मदा के पावन तटों तक जमीनी हकीकत परखी। इस आयोजन का उद्देश्य संस्कारधानी की धार्मिक परंपरा, जनआस्था और नागरिक सेवा के संकल्प को नया आयाम देना है। पैदल भ्रमण के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंच मार्ग, प्रकाश, घाटों की सफाई और सुरक्षा से जुड़े सभी बुनियादी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया, ताकि संस्कारधानी के इस बड़े धार्मिक उत्सव में शामिल होने वाले हर नागरिक तथा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
पैदल चलकर जांची झंडा चौक से जमीनी हकीकत
निरीक्षण दल ने गौरीघाट पहुंच मार्ग के संवेदनशील बिंदुओं, चौराहों और मोड़ वाले स्थानों की वास्तविक स्थिति देखी। नगर निगम के विभिन्न प्रभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि झंडा चौक से लेकर नदी किनारे तक कहीं भी गंदगी, अवरोध या खुले कचरे के ढेर न दिखें। नियमित कचरा उठान, डस्टबिन की स्थापना और सड़कों की धुलाई के साथ-साथ मार्ग किनारे की नालियों की सघन सफाई कराने के निर्देश मैदानी टीमों को जारी किए गए हैं। रात के समय पूरे मार्ग और घाट पर पर्याप्त दृश्यता बनी रहे, इसके लिए खराब स्ट्रीट लाइटों को तुरंत बदलकर नई आकर्षक रोशनी लगाने की तकनीकी जांच भी की गई।
आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में सुगम यातायात प्रबंधन योजना
भारी संख्या में पहुंचने वाले जनसमुदाय और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के खुले परिसर को पार्किंग केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन के तालमेल से दोपहिया व चार पहिया वाहनों के प्रवेश तथा निकासी के लिए अलग-अलग लेन चिन्हित की जा रही हैं। तटवर्ती इलाकों में सुरक्षा घेरा मजबूत करने, जल स्तर की सतत निगरानी और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बैठाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर समूचा बुनियादी ढांचा तैयार करने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि मुख्य समारोह बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

