नई दिल्ली. देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस, वीरता और बलिदान का परिचय देने वाले सैनिकों तथा उनके परिवारों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा निर्णय लिया है। देश के लिए असाधारण साहस दिखाने वाले सैनिकों को अब भारतीय रेल में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है।
रक्षा मंत्रालय ने सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित सैनिकों के लिए भारतीय रेलवे की फर्स्ट क्लास (एफसी), सेकंड एसी (2्र) और एसी चेयर कार (सीसी) श्रेणी में आजीवन फ्री यात्रा की सुविधा को मंजूरी दी है। यह सुविधा सैनिकों के जीवनसाथी, विधवा या विधुर (पुनर्विवाह तक) और अविवाहित मरणोपरांत पुरस्कार विजेताओं के माता-पिता को भी मिलेगी।
सेना ने बुधवार को बताया कि सरकारी स्वीकृति को लागू करने के लिए एक सुविधाजनक और कागज रहित डिजिटल प्रक्रिया तैयार की गई है। पात्र लाभार्थी भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल (आईआरसीसीपी) पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। सत्यापन के बाद ई-पास ऑनलाइन जारी होंगे और आईआरसीटीसी वेब पोर्टल के जरिए टिकट बुकिंग 1 नवंबर 2026 से शुरू होगी।
एक सहयात्री भी कर सकेगा मुफ्त सफर
सैनिकों को दी गई सुविधा के तहत लाभार्थी का एक सहयात्री (कंपेनियन) भी मुफ्त में यात्रा कर सकेगा। यह लाभ केवल वीरता (गैलेंट्री) श्रेणी के पदकों पर लागू है, विशिष्ट सेवा (डिस्टिंग्विश्ड सर्विस) श्रेणी पर नहीं। यानी सेना मेडल (विशिष्ट सेवा) पाने वाले इस दायरे में नहीं आते।
ऐसे आगे बढ़ा फैसला
यह कोई एक दिन में लिया गया निर्णय नहीं है। 16 मार्च 2026 के एक आधिकारिक पत्राचार में यह प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के समक्ष रखा गया, जिसे मंत्रालय ने मंजूरी दी। इसके बाद सेना के एडजुटेंट जनरल ब्रांच ने रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) के साथ मिलकर क्रियान्वयन की व्यवस्था तय करनी शुरू की। मार्च 2026 के अंत में रेल मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय के परामर्श से औपचारिक आदेश जारी किया।
इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 17 अगस्त 2026 के पत्र में प्रस्तावित किया कि पंजीकरण प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से शुरू हो और टिकट बुकिंग सुविधा 1 नवंबर 2026 तक चालू कर दी जाए। इसी पत्र में बताया गया कि क्रिस और आईआरसीटीसी मिलकर एक आरडीएस मॉड्यूल विकसित करेंगे, जिसमें रक्षा मंत्रालय की ओर से अग्रिम जमा (एडवांस डिपॉजिट) की व्यवस्था हो सकती है, जिसके एवज में पात्र विजेता टिकट बुक कर सकेंगे। पात्र लाभार्थी ऑनलाइन के साथ-साथ कंप्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों से भी आरक्षित टिकट बुक कर सकेंगे।
शौर्य चक्र विजेताओं के बराबर आया दर्जा
सरकार के इस फैसले का असली महत्व वरीयता क्रम में छिपा है। सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल (वीरता) वीर चक्र और शौर्य चक्र के बाद वरीयता क्रम में चौथे स्थान पर आते हैं। केंद्र सरकार वीरता पुरस्कार विजेताओं को आर्थिक लाभ, हवाई व रेल यात्रा रियायत और बच्चों के लिए शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण जैसी कई सुविधाएं देती है, जबकि राज्य सरकारें अपनी नीतियों के तहत अलग लाभ देती हैं। इस पहल से सेना, नौ सेना और वायु सेना मेडल (वीरता) विजेता जो शौर्य चक्र के ठीक बाद आते हैं। परम वीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र विजेताओं के बराबर आ गए, जिन्हें पहले से ऐसी रेल रियायत मिलती रही है।
