जबलपुर। माढ़ोताल के श्रीराम कॉलेज के अकाउंटेंट ने छात्रों की फीस हड़प कर करोड़ों का गबन किया है। पुलिस के पास प्रथम दृष्टया मामला 37 लाख का सामने आया है। पुलिस मामला दर्ज करके छानबीन कर रही है ताकि गबन की वास्तविक राशि सामने आ सके।
माढ़ोताल पुलिस ने बताया कि प्राचार्य श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी से शैलेष गुप्ता ने लिखित शिकायत की चंद्रमोहन सिंह ठाकुर श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी जबलपुर में लेखाकार के पद पर वर्ष 2017 से कार्यरत थे। उनके कार्यों में विद्यार्थियों से संबंधित फीस का लेखा जोखा फीस संबंधी रिकार्ड का उचित संधारण तथ छात्रों को फीस लेखा संबंधी नोड्यूज जारी करना आदि महत्वपूर्ण दायित्व दिये गये थे। संस्था द्वारा स्पष्ट एवं स्थायी निर्देश दिये गये थे कि छात्रों की समस्त फीस केवल संस्था के अधिकृत बैंक खाते में ही जमा की जानी है। लेखाकार अथवा किसी कर्मचारी द्वारा नगद फीस स्वीकार नहीं की जानी है। फीस प्राप्त होने पर केवल संस्था की अधिकृत रसीद ही जारी की जानी है। फीस की समस्त राशि एवं लेखा जोखा संस्था के रिकार्ड में विधिवत दर्ज किया जाना अनिवार्य था, लेकिन बाद में संस्था के संज्ञान में यह गंभीर तथ्य आया कि चंद्रमोहन सिंह ठाकुर द्वारा विगत कई वर्षों से कुछ छात्रों की फीस संस्था के अधिकृत खाते में जमा कराने के स्थान पर अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा करवाई गई। उक्त राशि संस्था के खाते में जमा नहीं की गई।
छात्रों द्वारा फीस जमा करने के संबंध में संस्था द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार फीस केवल कॉलेज के अधिकृत बैंक खाते में ही जमा की जानी थी। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी ने 2024 से ऐसी फीस की राशि अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में प्राप्त की। इसके लिये उक्त कर्मचारी को किसी भी प्रकार से अधिकृत नहीं किया गया था। उक्त एसओपी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और जिसमें स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि छात्रों द्वारा किसी प्रकार की फीस कॉलेज के अधिकृत खाते में जमा की जानी है। किसी कर्मचारी के व्यक्तिगत खाते में फीस जमा करने का कोई प्रावधान नहीं है। छात्रों के लिये ऐसा कोई अवसर या प्रावधान नहीं था कि वे कॉलेज की फीस चंद्रमोहन के व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा करें। इस संबंध में छात्रों को नोटिस दिया गया। इसके बावजूद कॉलेज को प्राप्त शिकायतों के अनुसार कुछ छात्रों द्वारा चंद्रमोहन के व्यक्तिगत खाते में फीस जमा की गई है। चंद्रमोहन द्वारा कॉलेज की फीस रसीद से संबंधित कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किये गये। उनके माध्यम से कॉलेज की फीस प्राप्त किये जाने की पुष्टि स्वीकृत की गई। इसके अतिरिक्त कॉलेज में नगद फीस जमा करने का कोई प्रावधान नहीं है। कुछ शिकायतें प्राप्त हुयी जिनमें छात्रों ने बताया कि चंद्रमोहन ने उनसे फीस की राशि नगद रूप से प्राप्त की। रसीद स्वीकार की। इसके अतिरिक्त छात्रों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों एवं दस्तावेजों से यह भी सामने आया कि उनके द्वारा संस्था की अधिकृत रसीद के स्थान पर कथित फर्जी कूटरचित रसीदें जारी की गई हैं।
इस संबंध में अभी तक 14 छात्रों द्वारा लिखित में बताया गया कि उन्होंने चंद्रमोहन सिंह ठाकुर को नगद राशि के रूप में फीस दी थी। जबकि संस्था के स्पष्ट निर्देश थे कि नगद फीस स्वीकार नहीं की जानी है। छात्रों की फीस की राशि के अनुचित उपयोग/गबन संस्था के साथ विश्वासघात, छात्रों के साथ धोखाधड़ी तथा कथित फर्जी कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित अत्यंत गम्भीर मामला है। जब छात्रों की शिकायतों एवं अनिमित्ताओं की जानकारी प्राप्त हुयी, जिसके बाद चंद्रमोहन सिंह ठाकुर ने जनवरी 2026 से संस्था में आना बंद कर दिया था। कॅालेज के द्वारा उनके घर पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई किन्तु उनसे मुलाकात नहीं हो पायी न ही फोन करने पर कोई्र जवाब दिया गया। छात्रों द्वारा शिकायत आवेदन 3 लाख 80 हजार 20 रूपये भुगतान प्रमाण पत्र द्वारा 1782148 रूपये एवं मौखिक शिकायत अनुसार 36 लाख 81 हजार 730 रूपये का गबन करना पाया गया। जो कि और बढ़ने की सम्भावना है।
इसी तरह गोरखपुर में रामपुर निवासी प्रगति अवझेकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह पेन्टालूम विग बजार में काम करती है। उसका बैंक खाता एचडीएफसी बैंक आदर्श नगर जिला जबलपुर में है। 11 सितंबर को उसके बैंक खाते से पहले 1 रूपये तथा बाद में 33 हजार 500 रूपये उसकी जानकारी के कट गये। 12 सितंबर को उसने अपना खाता चैक करने पर जानकारी प्राप्त हुयी। अज्ञात व्यक्ति द्वारा बिना उसकी जानकारी के छल पूर्वक उसके खाते से राशि ठग ली है।
