जबलपुर। इंदौर से दोपहिया वाहन चुराकर जबलपुर में बेचने वाले एक शातिर अंतरजिला गिरोह का गढ़ा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गढ़ा थाना पुलिस की इस कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने 3 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के आसपास हुआ, जहां आरोपी एक चोरी की स्कूटी को बेहद कम दाम में ग्राहक तलाशकर बेचने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस ने जब घेराबंदी करके आरोपियों को पकड़ा और वाहन के कागजात मांगे तो वे बगले झांकने लगे। तफ्तीश आगे बढ़ाने पर पता चला कि बरामद स्कूटी इंदौर के तिलकनगर क्षेत्र से चुराई गई थी।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर सस्ते दामों पर सौदेबाजी
आरोपी इंदौर के अलग-अलग भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाकर वहां से दोपहिया वाहन पार करते थे। इसके बाद इन वाहनों को जबलपुर लाकर स्थानीय ग्राहकों को सस्ते दामों में बेच देते थे। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि पकड़े गए आरोपी आपस में फोन और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में रहते थे। पहचान छिपाने के लिए गिरोह के सदस्य गाड़ियों की मूल नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे और चेचिस नंबर से छेड़छाड़ करते थे। ग्राहकों को फंसाने के लिए यह झांसा दिया जाता था कि पारिवारिक मजबूरी और रुपयों की सख्त जरूरत के कारण गाड़ी आधी से भी कम कीमत में बेची जा रही है।
दूसरे शहरों के संगठित नेटवर्क की तलाश तेज
गढ़ा पुलिस अब पकड़े गए चारों आरोपियों से रिमांड लेकर इस अवैध कारोबार से जुड़े बाकी मददगारों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस टीम अब इंदौर के संबंधित थानों से संपर्क करके वहां दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके साथ ही जबलपुर शहर में चोरी की गाड़ियां सस्ते में खरीदने वाले दलालों और कबाड़ियों की कुंडली तैयार की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस तरह के मामलों में जब तक चोरी का माल खरीदने वालों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक ऐसे गिरोहों पर पूरी तरह लगाम लगाना संभव नहीं है। शहर के अलग-अलग इलाकों में आने-जाने वाले रास्तों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।
