नई दिल्ली. रेलवे ने अपने लाखों कर्मचारियों के आवासीय घरों (सरकारी क्वार्टर) को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने जारी नए आदेश के अनुसार, कर्मचारियों के लिए बनने वाले नए घरों के प्लिंथ एरिया (फ्लोर एरिया) के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कर्मचारियों को पहले के मुकाबले अधिक जगह वाले और आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लैट मिलेंगे।
बोर्ड ने साफ किया है कि अब तक रेलवे कॉलोनियों में पारंपरिक रूप से कम ऊंचाई वाले (जी+2 तक के) मकान बनते थे, जिनमें काफी खुला स्थान होता था। लेकिन जमीनों की कमी और आधुनिक शहरीकरण को देखते हुए, अब रेलवे कॉलोनियों को हाई-राइज (बहुमंजिला इमारतों, जी+4 और उससे ऊपर) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
अब इतने बड़े साइज के बनेंगे आवास
टाइप II क्वार्टर: पहले इसका साइज केवल 75 वर्ग मीटर तय था, जिसे अब बढ़ाकर 75 से 104 वर्ग मीटर के बीच कर दिया गया है।
टाइप III क्वार्टर: पहले के 85 वर्ग मीटर के मुकाबले अब इसका दायरा 85 से 114 वर्ग मीटर होगा।
टाइप IV क्वार्टर: इसमें अटेंडेंट यूनिट सहित अब (110+25) से लेकर (130+25) वर्ग मीटर तक की जगह मिलेगी।
टाइप V और उससे ऊपर: इन श्रेणियों के नियमों में कोई बदलाव नहीं.
