जबलपुर। लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने सिहोरा को पूर्ण जिला घोषित कराने की मांग को लेकर अपने पहले चरण का अभियान पूरा कर लिया है। समिति ने बुधवार को क्षेत्रीय विधायक संतोष बरकड़े के नाम स्मरण पत्र सौंपा, जिसे विधायक के बाहर होने के कारण उनके प्रतिनिधि अनुपम सराफ ने ग्रहण किया। इस दौरान समिति ने 2 अक्टूबर को जबलपुर स्थित भाजपा संभागीय कार्यालय के सामने बड़े प्रदर्शन की घोषणा कर दी। सौंपे गए पत्र में समिति ने विधायक के सामने दो स्पष्ट प्रस्ताव रखे, जिसमें प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के समक्ष मजबूत पक्ष रखने और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर चुनावी घोषणा को पूरा कराने की बात कही गई।
प्रशासनिक आयोग और मुख्यमंत्री से ठोस पहल की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में आंदोलन समिति ने विधायक को दो मुख्य विकल्प दिए हैं। पहला यह कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के समक्ष सिहोरा विधायक स्वयं उपस्थित होकर नया जिला बनाने का औपचारिक लिखित अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। दूसरा विकल्प यह सुझाया गया कि सिहोरा विधायक खुद राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को साथ लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधे भेंट करें और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले किए गए वादे को तुरंत अमल में लाने का पुरजोर दबाव बनाएं।
गांधी जयंती पर संभागीय दफ्तर घेराव की व्यापक तैयारी
समिति 2 सितंबर से लगातार जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को पत्र सौंपकर चुनावी सभा का ऑडियो सुना रही थी। पदाधिकारियों का कहना है कि बार-बार के आग्रह पर सकारात्मक परिणाम न आने से अब जवाबदेही तय करने का समय आ गया है। आगामी 2 अक्टूबर को जबलपुर संभागीय कार्यालय के सामने आयोजित प्रदर्शन में स्मृति ईरानी का चुनावी ऑडियो 21 बार बजाकर सरकार से नीति स्पष्ट करने का सवाल पूछा जाएगा। इस दौरान अनिल जैन, कृष्ण कुमार कुररिया, रामजी शुक्ला, संतोष पांडे, शरद सेठ, प्रदीप दुबे, पुरुषोत्तम गुप्ता, मोहन सोंधिया, राजेश कुररिया, सुमित शुक्ला, आलोक जैन, जितेंद्र श्रीवास और दशरथ पटेल मौजूद रहे।