जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में भारत सरकार की राष्ट्रीय क्षमता निर्माण पहल के तहत आई गॉट कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य कार्मिकों के भीतर जनसेवा, उच्च नैतिक आचरण, नागरिक हित और देश के सर्वांगीण विकास के प्रति दायित्व की भावना को और अधिक गहरा करना रहा। मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन धीरेंद्र सिंह के कुशल दिशा-निर्देशन और नोडल अधिकारी अधीक्षण अभियंता नवीन पांडे के प्रबंधन में यह प्रशिक्षण पूरा हुआ। अलग-अलग सत्रों में आयोजित इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 27 प्रशिक्षु कनिष्ठ अभियंताओं सहित करीब 150 विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
राष्ट्र निर्माण के लिए नई कार्यसंस्कृति अपनाएं
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अभियंता धीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय कर्मयोगी की मूल सोच से सबको अवगत कराया। उन्होंने कहा कि दफ्तर में सिर्फ काम निपटाने की जगह कर्तव्य आधारित माहौल बनाना जरूरी है। जब सभी साथी एक टीम की तरह मिलकर काम करेंगे और रोज कुछ नया सीखेंगे, तो विभाग की कार्यक्षमता अपने आप बढ़ जाएगी। कर्मचारियों को अपने रोजाना के कामकाज में सेवा भाव को शामिल करना चाहिए। जब कोई कर्मचारी किसी उपभोक्ता या नागरिक की परेशानी को समझकर त्वरित समाधान निकालता है, तो वहीं से कर्मयोगी पलों की शुरुआत होती है। इससे संस्थान की विश्वसनीयता भी समाज में मजबूत होती है और लोगों का भरोसा बढ़ता है।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता से करें विभागीय दायित्वों की पूर्ति
नोडल अधिकारी अधीक्षण अभियंता नवीन पांडे ने प्रतिभागियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवा महज एक सामान्य नौकरी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की आशाओं को पूरा करने का माध्यम है। हर कार्मिक को अपने रोजमर्रा के फैसलों में पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही बरतनी होगी। जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए काम करने से ही शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाता है। उन्होंने उपस्थित सभी नए और पुराने साथियों से अपील की कि वे अपने पद की गरिमा को पहचानें और पूरी निष्ठा के साथ बिजली आपूर्ति तंत्र को बेहतर बनाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।
