जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन की अहम बैठक में महामंत्री राकेश डी पी पाठक, उपाध्यक्ष उमाशंकर मेहता, जोनल सचिव एन के यादव, रामेश्वर गांगे, अवसार अहमद, महेंद्र भदोरिया, राकेश भैसारे, दीप बिहारी, परमजीत सिंह, संकेत त्रिपाठी, जमिलुदीन अंसारी, इरफान उलहक, जेड एम अंसारी, मोहम्मद फरीद मंसूरी, विजय प्रजापत, जे एल जोशी, प्रवक्ता मदन वर्मा, वीरेंद्र मिश्रा, सुनील पटेल, प्रियंका यादव, कार्तिक शर्मा, पुष्पराज सिंह, ए के पांडे, डी के माथुर, गोपाल चौहान, दिलीप शर्मा, दीपेश दुबे और पुष्पेन्द्र सिंह यादव ने भाग लेकर मैदानी अमले की ज्वलंत समस्याओं पर गहन मंथन किया। इस दौरान सीएम डॉ मोहन यादव द्वारा पूर्व में घोषित सीपीसीटी अनिवार्यता समाप्त करने का सरकारी आदेश तत्काल निकालने की पुरजोर मांग उठाई गई, ताकि पदोन्नति पा सकें।
अनुकंपा नियुक्ति और भर्ती आरक्षण पर तत्काल कदम उठाइए
नेताओं ने स्पष्ट किया कि 2000 से 2012 के बीच दिवंगत हुए बिजली कर्मियों के आश्रित परिवारों को नई बहाली से पहले बिना शर्त नियमित सेवा में लिया जाए। साथ ही आगामी नियुक्तियों में आउटसोर्स कामगारों को 50 प्रतिशत आरक्षण की पात्रता मिले। उच्च न्यायालय द्वारा 70, 80, 90 प्रतिशत स्टाइपेंड व्यवस्था रद्द कर समान वेतन लागू करने के पक्ष में दिए फैसले के खिलाफ सरकार द्वारा शीर्ष अदालत में दायर याचिका वापस लेने की आवाज उठाई गई।
बिजली बिल रियायत और लंबित महंगाई भत्ता शीघ्र दीजिए
सभा में सेवारत संविदा, नियमित कर्मियों और पेंशनरों को बिजली बिलों में 50 प्रतिशत छूट की पुरानी व्यवस्था बहाल करने का आग्रह हुआ। दोनों राज्यों की सहमति के बावजूद लंबित पड़े राज्य पुनर्गठन कानून की धारा 49/6 को समाप्त करने का राजपत्र जारी कराने की मांग रखी गई। इसके अलावा लंबे समय से अटके महंगाई भत्ते व महंगाई राहत का भुगतान भी अविलंब एक साथ करने की बात कही गई।
