जबलपुर. भारतीय रेल केवल यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि जरूरत की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने वाली एक संवेदनशील व्यवस्था भी है। इसका भावपूर्ण उदाहरण जबलपुर मंडल में उस समय देखने को मिला, जब ट्रेन में यात्रा कर रही नौ माह की गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर मंडल के कर्मचारियों ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।
ट्रेन संख्या 11055 गोदान एक्सप्रेस के बी1 कोच की बर्थ संख्या 66 पर कल्याण से मोहम्मदाबाद की यात्रा कर रहीं 27 वर्षीय श्रीमती रेशमा, जो 9 माह की गर्भवती थीं, को यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस महत्वपूर्ण सूचना के रेल मदद 139 के माध्यम से प्राप्त होते ही जबलपुर मंडल ने बिना समय गंवाए आवश्यक सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही सतना स्टेशन के उप स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) सक्रिय हुए और स्टेशन पर तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। कुलियों की सहायता से व्हीलचेयर तैयार रखी गई तथा ट्रेन के सतना पहुंचते ही महिला यात्री को अत्यंत सावधानी और संवेदनशीलता के साथ उनके परिजन सहित ट्रेन से उतारा गया। महिला यात्री को प्लेटफॉर्म नंबर 2 से प्लेटफॉर्म नंबर 1 तक सुरक्षित पहुंचाया गया, जहां उनके लिए एम्बुलेंस पहले से तैयार थी। बिना किसी विलंब के उन्हें उचित उपचार हेतु जिला चिकित्सालय, सतना भेजा गया।
यह पूरा घटनाक्रम जबलपुर मंडल की सतर्कता, त्वरित समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण है। संकट की उस घड़ी में जब परिवार को चिंता और घबराहट का सामना करना पड़ रहा था, रेलवे कर्मचारियों की तत्परता ने उन्हें भरोसा दिया कि मुश्किल समय में भारतीय रेल उनके साथ खड़ी है। जबलपुर मंडल के कर्मचारियों की यह संवेदनशील पहल न केवल यात्री सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि रेलवे के लिए हर यात्री महत्वपूर्ण है और जरूरत के समय उसकी सहायता करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
