जबलपुर। बरेला के निकट ग्राम पंचायत उमरिया क्षेत्र के ग्राम डूंगा मेहगांव में जल जीवन मिशन की भूमिगत मुख्य लाइन टूटने से नलों में पानी के साथ जीवित कीड़े आने की गंभीर समस्या सामने आते ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में हलचल मच गई। ग्रामीणों द्वारा पेट से जुड़ी बीमारियों के फैलने की आशंका जताने के बाद जिम्मेदार महकमे ने स्थिति को गंभीरता से लिया। मामले का संज्ञान लेते ही एसडीओ दीपक खरे तथा सब इंजीनियर अविनाश मिश्रा तकनीकी दल के साथ फौरन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त स्थल की खुदाई करवाकर फटे हिस्से की मरम्मत कराई, जिससे दूषित कीचड़ का प्रवेश बंद हुआ और ग्रामीणों को कीड़ेयुक्त पेयजल से तत्काल मुक्ति मिल सकी। बस्ती में घरों के बर्तनों में गंदा जल देखकर निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा था, क्योंकि इसी वितरण से भोजन पकाने और प्यास बुझाने का कार्य निर्भर था। महिलाओं ने महामारी की आशंका जाहिर करते हुए प्रशासनिक अमले से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी। निरीक्षण दल ने पाया कि नाली के समीप से गुजर रही पाइपलाइन में दरार आने से बाहरी कीचड़ अंदर खिंच रहा था। तकनीकी कर्मियों ने नए पाइप का टुकड़ा और क्लैंप लगाकर जोड़ को पूरी तरह सील कर दिया। लाइन के भीतर जमा दूषित द्रव को वॉशआउट वॉल्व खोलकर बाहर बहाया गया ताकि शुद्ध जल का प्रवाह हो सके।
पानी शुद्धता बनाए रखने के लिए जारी हुए निर्देश
मौके पर मौजूद अफसरों ने जल वितरण व्यवस्था से जुड़े स्थानीय कर्मचारियों और पंप चालकों को तलब किया। अधिकारियों ने ताकीद की कि वितरण से पहले स्टोरेज टैंक में ब्लीचिंग और क्लोरीन का घोल निर्धारित अनुपात में अवश्य मिलाया जाए। वितरण अमले को नियमित अंतराल पर फील्ड टेस्ट किट से पानी की शुद्धता जांचने और संभागीय प्रयोगशाला से लगातार संपर्क बनाए रखने की हिदायत दी गई। आपूर्ति बहाल होते ही ग्रामीणों ने नलों से स्वच्छ जल प्राप्त कर राहत महसूस की और त्वरित कार्रवाई के लिए अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया।


