जबलपुर। मध्यप्रदेश के उमरिया जिला स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर के कूलिंग रिजर्वायर में 200 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर और 50 मेगावाट 100 मेगावाट-घंटे बैटरी स्टोरेज प्लांट के लिए नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन में निवेशक संवाद संपन्न हुआ। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के इस आयोजन में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी तकनीकी सलाहकार बनी। बैठक में प्रमुख सचिव संजय दुबे, प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता अवनीश शुक्ला सहित टाटा पावर, वारी एनर्जी, एनटीपीसी ग्रीन, भेल, एनएचपीसी, सेरेनटिका जैसी 39 से अधिक दिग्गज कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। लगभग 1300 करोड़ रुपये अनुमानित लागत का यह प्रोजेक्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी अर्थात पीपीपी मॉडल पर आधारित है, जिसकी निविदा प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
सार्वजनिक निजी भागीदारी से ऊर्जा तंत्र का कायाकल्प
प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने भावी ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हरित ऊर्जा विस्तार का समग्र रोडमैप साझा किया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ आधुनिक स्टोरेज के एकीकरण को समय की मांग बताया। वहीं तकनीकी प्रस्तुतीकरण के जरिए अधीक्षण अभियंता अवनीश शुक्ला ने सिस्टम की ग्रिड कनेक्टिविटी तथा स्टोरेज कार्यप्रणाली का ब्योरा दिया। इस प्लांट की मूल उत्पादन क्षमता में आवश्यकतानुसार 10 प्रतिशत तक बदलाव का खुला विकल्प भी सुरक्षित रखा गया है।
जलाशय के उपयोग से जमीन अधिग्रहण की बचत
प्रमुख सचिव संजय दुबे ने कहा कि नवाचारी वित्तीय तंत्र और मजबूत नीतिगत समर्थन के कारण प्रदेश में वैश्विक स्तर का निवेश आकर्षित हो रहा है। बड़े औद्योगिक घरानों की व्यापक उपस्थिति शासकीय व्यवस्था की विश्वसनीयता को साबित करती है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत वर्तमान जल संरचना का सीधा उपयोग है। जमीन अधिग्रहण का झंझट समाप्त होने से न तो अतिरिक्त भूखंड की खरीद होगी और न ही किसानों का विस्थापन होगा। सत्र के अंतिम चरण में उद्योग जगत की व्यावहारिक शंकाओं के समाधान हेतु खुली चर्चा आयोजित हुई, जिसमें अनुबंध शर्तों, वित्तीय सुरक्षा तथा निर्माण समय-सीमा पर महत्वपूर्ण सुझाव दर्ज किए गए।
