अदालत में याचिका दायर, सुनवाई नवम्बर में
जबलपुर। मध्प्रयप्रदेश हाईकोर्ट में डुमना एयरपोर्ट के विस्तार होने के बाद भी यात्री सुविधाओं में इजाफा नहीं हुआ है, इसे लेकर सोमवार को एक यात्रिया दायर की गई है। यात्रिका में कहा गया है कि डुमना के विस्तार होने के बाद इसे ब्राउन फील्ड स्तर का बना दिया गया है लेकिन उसके बाद भी यहां पांच वायुयान ही आ-जा पा रहे हैं। इससे शहर की जनता को वायु मार्ग का फायदा नहीं मिल पा रहा है।हाईकोर्ट के सीनियर अधिवक्ता आदित्य सिंघई ने एक याचिका दायर की है। यात्रिका में बताया गया है कि डुमना एयरपोर्ट का चार वर्ष पूर्व करोड़ों रूपयों की लागत से विस्तार किया गया है। विस्तार के साथ ही यह माना जा रहा है कि इस एयरपोर्ट की एयर पट्टी प्रदेश में सबसे लम्बी है। करीब दो हजार मीटर की है। इसके बावजूद शहर को महानगरों से सुचारू रूप से कनेक्टिीविटी नहीं मिल सकी, जबकि दावा यह किया जा रहा था कि इस एयरपोर्ट में इंटरनेशनल प्लेन उतर सकेंगे।
सीनियर अधिवक्ता ने बताया कि डुमना विस्तार के पहले ग्रीन फील्ड में आता था। उस दौरान यहां करीब 20 विमानों का आना-जाना होता था। उम्मीद यह लगाई जा रही थी कि विस्तार होने के बाद शहर को बेहतर कनेक्टिीविटी मिल सकेगी। विमानों में इजाफा होगा। लेकिन मौजूदा हालात यह है कि यहां पांच विमानों तक एयर सेवा सिमट गई है। इस दौरान यात्रिका में इंडिगों की ओर से भरी जिरह की गई है। विमानन कंपनियों का मानना था कि पैसेंजर की कमी और फ्यूल और पार्किंग महंगी होने की वजह से घाटे का सौदा साबित हो रहा है। अदालत ने पक्षों की बातचीत के बाद इस पर नवम्बर माह में सुनवाई को कहा है।

