जबलपुर। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में लगभग 9 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद छात्रसंघ चुनाव की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित 6 सदस्यीय विशेष समिति ने चुनावी नियमों, व्यवस्थाओं और मतदान के चरणों को लेकर मंथन पूरा कर लिया है। इस समिति में उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु तथा जबलपुर स्थित शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी शामिल हैं। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट 25 सितंबर तक विभाग को सौंपेगी। प्रस्तावित प्रारूप के तहत छात्र-छात्राएं सीधे वोट डालकर क्लास रिप्रेजेंटेटिव अर्थात सीआर चुनेंगे, जो आगे चलकर कॉलेज अध्यक्ष और विश्वविद्यालय स्तरीय पदाधिकारियों का निर्वाचन करेंगे।
सीआर चुनेंगे कॉलेज अध्यक्ष और मुख्य पदाधिकारी
पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के लिए मतदान व्यवस्था को दो अलग-अलग स्तरों में बांटा गया है। साधारण विद्यार्थी पहले चरण में केवल अपनी कक्षा के प्रतिनिधि का चयन करेंगे। यही निर्वाचित प्रतिनिधि दूसरे चरण में कॉलेज अध्यक्ष, सचिव और अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए मतदान करेंगे। प्रारूप तैयार करने से पूर्व विभिन्न छात्र संगठनों, प्राचार्यों और कॉलेज प्रबंधन से लिखित सुझाव लिए गए थे। समिति ने इन सुझावों के आधार पर छात्र भागीदारी, प्रचार के दायरे, आचार संहिता और चुनाव संचालन के हर तकनीकी बिंदु पर विचार-विमर्श किया है।
परीक्षा कार्यक्रम के मुताबिक तय होगी मतदान तिथि
मतदान की सटीक तारीखों की घोषणा विश्वविद्यालयों के आगामी शैक्षणिक और परीक्षा कैलेंडर को ध्यान में रखकर की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के कुलसचिवों से वर्तमान सत्र की परीक्षाओं का ब्योरा मांगा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनावी गहमागहमी के बीच विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और परीक्षाएं बिल्कुल प्रभावित न हों। जबलपुर संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक प्रो. अलकेश चतुर्वेदी के अनुसार, सभी पक्षों से प्राप्त प्राथमिक इनपुट का अध्ययन कर अंतिम प्रारूप तैयार किया जा रहा है, ताकि पूरी चुनावी कवायद बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के संपन्न हो सके।
