बकायादारों पर न्यायालय का डंडा, लोक अदालत में सुनवाई
विशेष न्यायालय ने शनिवार को प्रस्तावित लोक अदालत के मद्देनजर बिजली चोरी से जुड़े मामलों में तेजी दिखाते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए 750 समन जारी किए हैं। दूसरी तरफ बिजली अमले ने जबलपुर नगर में प्री-लिटिगेशन के तहत 5500 नोटिस विभिन्न क्षेत्रों में तामील कराए हैं। यह कानूनी प्रक्रिया उन उपभोक्ताओं पर केंद्रित है जो बार-बार तकादा करने के बावजूद सरकारी राजस्व दबाए बैठे हैं। श्री अरोरा का कहना है कि नोटिस प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के पास आगामी लोक अदालत में आपसी सहमति से समझौता करने का अंतिम वैधानिक अवसर है। यदि इस मंच पर भी बकाया नहीं चुकाया गया तो प्रकरणों को नियमित अदालत में स्थानांतरित कर संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी की सीधी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छापेमारी से मचा हड़कंप, रातभर चली धरपकड़
गुरुवार की सुबह से शुरू हुआ यह प्रशासनिक एक्शन देर रात तक चला। संयुक्त जांच दलों ने सूचीबद्ध बकायेदारों के ठिकानों पर दबिश देकर हड़कंप मचा दिया। क्षेत्रीय थानों की पेट्रोलिंग गाड़ियां विभागीय इंजीनियरों के साथ संवेदनशील बस्तियों में लगातार गश्त करती रहीं। टीम ने बकायेदारों के मीटर, कनेक्शन और लोड की भौतिक स्थिति का भी बारीकी से मिलान किया। अफसरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन लोगों ने चोरी के जुर्माने और लंबित बिलों की भरपाई नहीं की है, वे तुरंत काउंटर पर पहुंचकर रसीद कटवाएं। जांच दल अब किसी भी प्रकार की मोहलत दिए बिना सीधे थानों में वारंट तामील करवा रहे हैं। आगामी दिनों में शहर के अन्य सब-डिवीजनों में भी इसी तर्ज पर रात के समय औचक निरीक्षण और धरपकड़ की तैयारी पूरी कर ली गई है।
