जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ग्रामीण इलाकों में खेतों की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष रियायती योजना लागू की है। इसके तहत 5 हॉर्सपावर तक की क्षमता वाले कृषि पंपों के लिए बिना लाइन विस्तार वाले मामलों में मात्र 5 रुपये के आवेदन शुल्क पर तुरंत स्थाई कनेक्शन दिए जा रहे हैं। योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिसमें तय सुरक्षा निधि की राशि शुरुआती दौर में न लेकर पहले बिजली बिल के साथ ली जा रही है। इस आर्थिक छूट का सीधा फायदा उठाते हुए कंपनी के कुल 21 सर्किलों के 26,537 कृषकों ने अब तक अपने पंपों को ग्रिड से जोड़ लिया है। कंपनी प्रबंधन ने परिपत्र जारी कर मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र अन्नदाताओं को निरंतर यह सुविधा दी जाए।
सतना अव्वल और जबलपुर शहर में सबसे कम
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक रीवा और शहडोल संभाग समेत महाकौशल-बुंदेलखंड के अंचलों में योजना को जबरदस्त प्रतिसाद मिला है। जिलेवार स्थिति देखें तो सतना 2,894 लाभार्थियों के साथ सूची में शीर्ष पर है। इसके बाद सिंगरौली में 2,509, रीवा में 2,323, बालाघाट में 2,206 तथा सीधी में 1,777 कनेक्शन जारी हुए। मध्यम क्रम के जिलों में नरसिंहपुर 1,678, उमरिया 1,433, सिवनी 1,429, छिंदवाड़ा 1,351, सागर 1,347, शहडोल 1,272, कटनी 1,170 और छतरपुर 1,056 संख्या दर्ज हुई।
अंतिम छोर तक आसान सिंचाई का पुख्ता आधार
शेष अंचलों में जबलपुर संभाग संधारण सर्किल 797, अनूपपुर 781, पन्ना 723, दमोह 683, मंडला 488, टीकमगढ़ 408, डिंडोरी 208 तथा जबलपुर नगर में 4 उपभोक्ता जुड़े। पहले भारी-भरकम अग्रिम जमा राशि और जटिल कागजी औपचारिकताएं छोटे काश्तकारों के लिए बड़ी बाधा बनती थीं। अब नाममात्र के डिजिटल आवेदन और बाद में भुगतान की सुविधा से खेत-खलिहान तक सीधी बिजली पहुंच रही है, जिससे पारंपरिक तौर पर डीजल पंपों पर होने वाला भारी खर्च पूरी तरह बच रहा है।
