जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा घोषित परीक्षा कार्यक्रम ने छात्राओं की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। हरितालिका तीज व्रत के ठीक अगले दिन मंगलवार को सुबह 7 बजे से एलएलएम द्वितीय सेमेस्टर और बीए एलएलबी अष्टम सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की जा रही है। निर्जला उपवास और रात भर रतजगा करने के कारण छात्राओं के लिए इतनी सुबह केंद्र पर पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होगा। छात्राओं का मानना है कि परीक्षा का समय सुबह की जगह दोपहर में रखा जाता तो काफी राहत मिलती। इस अव्यवस्था का असर सिर्फ परीक्षार्थियों पर ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय व संबद्ध महाविद्यालयों में तैनात महिला निरीक्षकों, परीक्षकों और पर्यवेक्षकों पर भी पड़ेगा।
कैलेंडर में देरी के दबाव का बना बहाना
सत्र कई महीने पिछड़ने की वजह से प्रबंधन पर टाइम टेबल जारी करने का भारी दबाव था। इस हड़बड़ाहट में विद्यार्थियों और ड्यूटी स्टाफ की व्यावहारिक सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। यदि समय सारिणी बनाते समय थोड़ा भी तालमेल बैठाया जाता, तो बड़े त्योहार के तुरंत बाद सुबह के सत्र में प्रश्नपत्र रखने से आसानी से बचा जा सकता था।
व्यस्त शेड्यूल के कारण बदलाव संभव नहीं हुआ
विश्वविद्यालय के प्रबंधन की ओर से यह स्वीकार किया गया है कि तीज पर्व के अगले दिन सुबह परीक्षा देना महिला वर्ग के लिए वाकई बेहद कठिन है। हालांकि उनका स्पष्ट कहना है कि आगे का परीक्षा शेड्यूल अत्यधिक व्यस्त और पैक होने की वजह से अब इस तिथि या समय में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकता है।
