हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने आज आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद अब कर्मचारी सुबह 10 बजे के बजाय दोपहर 12 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाएंगे। यह नियम जबलपुर हाईकोर्ट के साथ-साथ इंदौर और ग्वालियर पीठों और संबंधित न्यायिक कार्यालयों में भी लागू रहेगा। जबलपुर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धर्मेंद्र सिंह ने यह आदेश 14 सितंबर को जारी किया था। आदेश में साफ किया गया है कि कर्मचारियों को दी जा रही इस विशेष छूट से कोर्ट के रोजमर्रा के कामकाज पर कोई बुरा असर नहीं पडऩा चाहिए। आदेश की कॉपी इंदौर और ग्वालियर पीठों, मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी और सभी संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। जैन समाज के लिए पर्युषण पर्व का बहुत खास और पवित्र महत्व है। श्वेतांबर परंपरा में यह पर्व आठ दिनों तक चलता है। इस दौरान श्रद्धालु उपवास, पढ़ाई, ध्यान और गहन आत्मचिंतन करते हैं। पर्व के आखिर में संवत्सरी मनाई जाती है, जिसमें लोग पिछले साल की गलतियों के लिए एक-दूसरे से मिच्छामि दुक्कड़ं कहकर माफी मांगते हैं और मनमुटाव खत्म करते हैं।
कर्मचारियों को यह फायदा होगा-
हाईकोर्ट के इस फैसले से कर्मचारियों को अपनी सुबह की धार्मिक आराधनाओं में आसानी से शामिल होने का मौका मिलेगा। यह आदेश न केवल कर्मचारियों को अपने धार्मिक काम ठीक से करने की सुविधा देता है, बल्कि कार्यस्थल पर उनके प्रति सम्मान और सहानुभूति का संदेश भी देता है।
