जबलपुर। गाड़ी संख्या 11033 से लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दरभंगा जा रही 24 वर्षीय गर्भवती यात्री सविता को कोच S-3 की सीट संख्या 31 पर अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस पर आज उनके पीएनआर 8551381644 के माध्यम से वार रूम रेल मदद 139 पर आपातकालीन संदेश भेजा गया। सूचना मिलते ही जबलपुर रेल मंडल प्रशासन हरकत में आ गया। उप स्टेशन प्रबंधक वाणिज्य आशीष चड्ढा ने फौरन अनन्या क्लिनिक के स्वास्थ्यकर्मी अतुल राव से समन्वय स्थापित कर प्लेटफार्म पर आवश्यक चिकित्सीय प्रबंध सुनिश्चित किए। प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए महिला को रेलवे एंबुलेंस से तत्काल रानी दुर्गावती अस्पताल जबलपुर भेजा गया, जहाँ उन्हें समय रहते भर्ती कराकर सुरक्षित उपचार दिलाया गया।
कर्मचारियों की मानवीय संवेदनशीलता से बची दो जिंदगियां
ट्रेन के स्टेशन पर रुकते ही विशेषज्ञ टीम ने बोगी के भीतर पहुंचकर स्थिति संभाली और प्राथमिक उपचार दिया। सफर के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत से घबराए परिजनों को रेलवे की इस तेज व्यवस्था ने बहुत बड़ा संबल दिया। समय पर सही फैसला लेने और बिना किसी देरी के सुरक्षित रेफरल प्रक्रिया पूरी होने से मरीज की जान जोखिम में पड़ने से बच गई। इस मानवीय कार्यशैली को देखकर उपस्थित यात्रियों ने भी राहत की सांस ली और स्टाफ के सेवा भाव की सराहना की।
सफर में परेशानी होने पर क्या करें यात्री
रेल प्रशासन ने आम जनता और मुसाफिरों से निरंतर जागरूक रहने का आग्रह किया है। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या, सुरक्षा संबंधी परेशानी अथवा अप्रत्याशित संकट उत्पन्न होने की दशा में रेलवे की एकीकृत हेल्पलाइन सेवा पर संपर्क साधा जा सकता है। डिजिटल प्रणाली और त्वरित सूचना नेटवर्क के तालमेल से यात्रियों को चलती गाड़ी या निकटतम स्टेशन पर हरसंभव मदद बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराई जाती है।
