नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने सभी रेल जोनों को ट्रेनों की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश दिये हैं, जिसमें अब गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेनों के कोचों में प्लेटफार्म पर ही खिड़कियां बंद कर ताले लगा दिए जाएंगे। कोचों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए यह आदेश जारी किये गये हैं
नए प्रावधानों के तहत यात्रा पूरी होने के बाद ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही कोचों के दरवाजे, खिड़कियां, आपातकालीन खिड़की समेत प्रवेश-निकास के सभी द्वार को इस तरह बंद और सुरक्षित करना होगा कि कोई बाहरी व्यक्ति कोच के भीतर प्रवेश न कर सके।
यह निर्देश डेमू, मेमू के साथ एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों के कोचिंग स्टाक पर लागू होंगे। रेलवे ने माना है कि रास्ते के स्टेशनों और टर्मिनलों पर सीमित आपरेटिंग स्टाफ के कारण कई बार खड़ी रेक को पूरी तरह सुरक्षित करने में दिक्कत आती है। इसी को देखते हुए लाकिंग, बिजली आपूर्ति बंद करने, निगरानी और प्रमाणन की जिम्मेदारियां अलग-अलग विभागों के बीच स्पष्ट की गई हैं। ताकि, ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा सके।
इन विभागों की होगी जिम्मेदारी
रेलवे के निर्देशों के मुताबिक प्लेटफार्म पर कोचों को लाक करने के बाद ही ट्रेन की रेक को स्टेबलिंग लाइन, पिटलाइन या रास्ते के टर्मिनल पर भेजा जाएगा। सामान्य स्थिति में ताला लगाने की जिम्मेदारी मैकेनिकल (सीएंडडब्लू) विभाग की होगी। इसकी पुष्टि मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल (कोचिंग) और जहां उपलब्ध हो, रेलवे सुरक्षा बल करेंगे।
बैट्री सप्लाई भी डिस्कनेक्ट करनी होगी
कोच लाक करने से पहले ग्लास शटर और एफआरपी लूवर बंद कर कुंडी लगाना अनिवार्य होगा। कचरे के डिब्बे खाली करने के साथ उनमें मौजूद कागज और अन्य ज्वलनशील सामग्री भी हटानी होगी। कोच को लाक और स्टेबल करने से पहले बिजली की सप्लाई काटनी होगी। यदि कोच को 24 घंटे से अधिक समय तक स्टेबल किया जाना है, तो बैट्री सप्लाई भी डिस्कनेक्ट करनी होगी। बैट्री फ्यूज निकालना होगा। यह जिम्मेदारी इलेक्ट्रिकल (चार्जिंग) स्टाफ की होगी और मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल विभाग इसकी संयुक्त पुष्टि करेंगे। लाक किए गए कोच को यदि मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल स्टाफ को किसी काम के लिए खोलना पड़े तो इसकी सूचना यार्ड में तैनात रेलवे सुरक्षा बल को देनी होगी।
नियमित स्टाफ नहीं तो आउटसोर्स से कराना होगा काम
रेलवे बोर्ड ने पूरी तरह से लाक किए गए कोचों की दैनिक जांच का रिकार्ड रखने और मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल तथा रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त प्रमाणन व्यवस्था का भी प्रावधान किया है। ड्यूटी के दौरान कोई कोच बिना लाक मिला तो इसकी सूचना तत्काल मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल (चार्जिंग) और रेलवे सुरक्षा बल को देनी होगी। जहां नियमित स्टाफ उपलब्ध नहीं है, वहां निर्धारित गतिविधियां जरूरत के अनुसार आउटसोर्स की जा सकेंगी। आउटसोर्स कर्मचारियों का सत्यापन अनिवार्य होगा।
