जबलपुर। शहर में बिजली चोरी और पेनाल्टी बकायादारों के खिलाफ विद्युत विभाग ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। अधीक्षण अभियंता सिटी संजय अरोरा और कार्यपालन अभियंता अमित सक्सेना के नेतृत्व में 5000 रुपये से अधिक के बकायेदारों के कनेक्शन पोल से सीधे काटने के लिए लेडर जीप तैनात की गई हैं। कमला नेहरू नगर यादव कॉलोनी स्थित एड आईकॉन मार्केटिंग की उपभोक्ता ममता चौधरी और संचालक गजेन्द्र चौधरी द्वारा 17,336 रुपये की पेनाल्टी न भरने पर कार्रवाई हुई, जहां टीम से अभद्रता के बाद पुलिस बल की मदद से बकाया वसूला गया। वहीं गढ़ा निवासी तुलसीराम का मामला विशेष न्यायालय में दर्ज कराया गया। इस व्यापक मुहिम से पूरे शहर के डिफाल्टरों में हड़कंप मचा हुआ है। पोल पर काम कर रहे लाइनमैन की सीढ़ी गिराने की धमकी के बाद बिजली अफसर भड़क गए।
पुलिस के पहुंचने के बाद ठंडे हुए तेवर
श्री अरोरा के अनुसार, यादव कॉलोनी के कमला नेहरू नगर में फ्लेक्स और साइनबोर्ड की दुकान संचालित करने वाले उपभोक्ता पर 2-9-2024 को बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में 17336 रुपये की पेनाल्टी राशि पिछले 2 वर्षों से लंबित थी। जब कनिष्ठ अभियंता टीम के साथ पोल से कनेक्शन काटने पहुंचे, तो दुकान संचालक गजेन्द्र चौधरी ने तीखा विवाद शुरू कर दिया। संचालक ने पोल पर चढ़ रहे लाइन कर्मचारी को सीढ़ी से नीचे गिराने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ते ही अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शासकीय कार्य में बाधा डालने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। पुलिस का सख्त रुख देखते ही संचालक ने गलती स्वीकारी और मौके पर ही 17336 रुपये का पूरा भुगतान कर दिया।
झूठी शिकायत करने वाले पर कानूनी शिकंजा
कार्रवाई के दौरान गढ़ा क्षेत्र में भी विभाग ने एक पुराने मामले में कड़ा कदम उठाया। गढ़ा निवासी तुलसीराम के परिसर में 2 वर्ष पहले बिजली चोरी पकड़ी गई थी। उपभोक्ता ने लंबे समय से पेनाल्टी की राशि जमा नहीं की थी। राशि भरने के बजाय उपभोक्ता द्वारा विभाग के उच्च अधिकारियों को झूठी शिकायतें भेजकर गुमराह किया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर परिसर की विद्युत लाइन स्थाई रूप से विच्छेदित कर दी। इसके साथ ही इस प्रकरण को विधिवत कार्रवाई के लिए विशेष न्यायालय में दर्ज करा दिया गया है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया के तहत राशि वसूली और दंड सुनिश्चित हो सके।
महीने के अंत तक अदालत जाएंगे प्रकरण
श्री अरोरा ने साफ किया है कि 5000 रुपये से अधिक की पेनाल्टी वाले सभी उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली गई है। लेडर जीप के जरिए पोल से सीधे तार हटाने का काम रोजाना चलेगा। जिन उपभोक्ताओं को बिल या पेनाल्टी से जुड़ी कोई समस्या है, वे सीधे संबंधित कार्यालय में आकर नियमानुसार निराकरण पा सकते हैं। यदि किसी ने अमले के साथ बदसलूकी या कार्य में व्यवधान डाला तो सीधे कानूनी कार्रवाई होगी। जिन डिफाल्टरों ने इस माह के अंत तक अपना बकाया नहीं चुकाया, उनके सभी प्रकरण बिना किसी अतिरिक्त मोहलत के विशेष न्यायालय में भेज दिए जाएंगे।

