जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार में निरूद्ध 18 बंदियों को स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया जाएगा। इन बंदियों में एक महिला बंदी भी शामिल हैं। इन बंदियों की रिहाई जेल नियमावली के तहत की जा रही है। इन बंदियों में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बंदी शामिल हैं।
केंद्रीय कारागार के जेलर मदन कमलेश ने बताया कि शासन के नियमानुसार वर्ष में पांच बार बंदियों को रिहा किया जाता है। पहले इसमें सिर्फ तीन बार ही रिहा होता था। मौजूदा हालात में रहा होने वाले बंदियों में जबलपुर, कटनी और सिवनी के तीन-तीन, मंडला के दो, बालाघाट के पांच और उत्तरप्रदेश के दो बंदी शामिल हैं।
ये हैं बंदी
जबलपुर
- शैल कुमार उर्फ पिल्लू
- मोइयुद्दीन
-गनपत उर्फ गन्नू
कटनी
- रवि कुमार रजक
- संतोष बर्मन
- राम नारायण उर्फ रामायण
सिवनी
- राजू
- हरदयाल
- रामदयाल
मंडला
- जेठू लाल
- संतोष मरावी
बालाघाट
- सुखदास उइके
- पन्नालाल तुरकर
- राजेन्द्र उर्फ नाना
- छुन्नूलाल
- मालतीबाई
उत्तरप्रदेश
- राजेश पटेल
- संतोष कुमार सिंह
