जबलपुर. जिले के सिहोरा में नल-जल योजना की राशि जमा करने के दबाव और प्रताडऩा से परेशान एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। मामले में मझौली पुलिस ने शुक्रवार 14 अगस्त को सरपंच सहित तीन लोगों के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सरपंच और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, मझौली के अमगवां निवासी रमेश रजक (30) की हाल ही में जहर खाने से मौत हो गई थी। रमेश नल-जल योजना के तहत पानी चालू करने और उपभोक्ताओं से राशि वसूलने का काम करता था। वह वसूली गई राशि पंचायत सचिव के पास जमा करता था।
कर्मचारी ने दबाव में जहर खाकर जान दे दी
जांच में सामने आया कि सरपंच मनोज भूमिया और उसके साथी ओमप्रकाश तिवारी व मुकेश तिवारी इस बात से नाराज थे कि रमेश राशि पंचायत सचिव के पास जमा करता था। आरोप है कि तीनों उस पर वसूली की रकम सीधे उनके पास जमा करने का दबाव बनाते थे। इसी बात को लेकर उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, इसी दबाव और प्रताडऩा से परेशान होकर रमेश ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने सरपंच मनोज भूमिया और मुकेश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि ओमप्रकाश तिवारी की तलाश अभी भी जारी है।
