जबलपुर। रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गुरुवार दोपहर 12 बजे जल निकासी बढ़ा दी गई। प्रबंधन ने बांध के 4 अतिरिक्त गेट खोल दिए, जिससे अब कुल 13 जल द्वारों को औसतन 2.15 मीटर ऊंचाई तक खोलकर 3988 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे पहले 9 गेट 0.78 मीटर की ऊंचाई पर खुले हुए थे और 1031 क्यूमेक पानी निकाला जा रहा था। गुरुवार सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 421.15 मीटर दर्ज हुआ था, तब जलाशय में 1761 क्यूमेक पानी की आवक बनी हुई थी। बांध से भारी डिस्चार्ज शुरू होने के कारण तटीय कछारों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
नर्मदा नदी में 10 फीट तक बढ़ेगा जलस्तर
जल निकासी की मात्रा में अचानक हुए इस भारी इजाफे से नर्मदा नदी के बहाव में शाम तक 8 से 10 फीट तक पानी ऊपर चढ़ने का अंदेशा है। वर्तमान स्थिति में पुराने पुल के नीचे पानी की धार करीब 2 से 3 फीट के फासले पर बह रही है। जलस्तर तेजी से ऊपर उठने के कारण शाम तक बहाव तिलवाड़ा क्षेत्र तक फैल जाएगा, जिससे वहां स्थित पुराना पुल डूबने की पूरी आशंका बन गई है। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे स्थित बस्तियों और प्रमुख स्नान घाटों पर चौकसी बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान न होने पाए।
आवक जारी रही तो शाम खुलेंगे नए गेट
ऊपरी कैचमेंट इलाकों से पानी की आमद यदि इसी प्रकार अनवरत जारी रहती है, तो शाम तक बांध प्रबंधन 4 अन्य गेटों को भी खोलने का कदम उठा सकता है। लगातार बढ़ते प्रवाह को देखते हुए परियोजना प्रशासन ने श्रद्धालुओं, नाविकों और आम जनता से नर्मदा के सभी घाटों तथा डूब क्षेत्र वाले तटीय इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने का औपचारिक अनुरोध किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
