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सड़क पर सियासत गर्म: विधायक विश्नोई ने मंत्री राकेश सिंह पर किया सीधा हमला,भाजपा में छाई चुप्पी



जबलपुर। नेशनल हाईवे 45 पर शहपुरा में बने करीब 400 करोड़ रुपये के रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने को लेकर सियासत गरमा गई है। भोपाल और जबलपुर को जोड़ने वाले इस मार्ग का पुल तीन साल के भीतर ही ढह गया और दिसंबर में एक लेन धंसने के बाद हाल ही में दूसरी लेन भी खराब हो गई जिससे भारी वाहनों का रूट पाटन की ओर डायवर्ट करना पड़ा है। इस स्थिति से नाराज पाटन से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने एक्स के जरिए अपनी ही सरकार और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह पर खुलकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि डायवर्ट ट्रैफिक के कारण पाटन मार्ग पर हादसे बढ़ रहे हैं।  एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है जबकि जबलपुर पाटन सड़क को चौड़ा करने की योजना बजट में होने के बावजूद पीडब्ल्यूडी मंत्री की प्राथमिकता में नहीं है। इस गंभीर मसले पर अजय बिश्नोई ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात कर पत्र सौंपा है और पाटन जबलपुर तथा पाटन मानकेड़ी सड़क का काम जल्द शुरू कराने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर इस बड़ी लापरवाही के चलते मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक और संभागीय प्रबंधक की पेंशन रोकने की कार्रवाई की अनुशंसा भी कर दी है।

​सियासत गरमाई, भाजपा विधायक ने अपनी सरकार को घेरा

​अजय बिश्नोई ने पांच महीने से बंद पड़े शहपुरा पुल और डायवर्ट ट्रैफिक के कारण पाटन मार्ग पर हो रही परेशानियों पर तीखा रोष जताया है। उनका कहना है कि भारी वाहनों के दबाव से पाटन की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और आए दिन हो रहे सड़क हादसों में बेकसूर लोगों की जानें जा रही हैं। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जबलपुर पाटन सड़क चौड़ीकरण का काम बजट में शामिल होने के बावजूद अभी तक मंजूर नहीं किया गया है।

​मुख्यमंत्री से मिले विधायक, निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग

​विवाद बढ़ने के बाद विधायक अजय बिश्नोई ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें एक लिखित पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने पाटन जबलपुर और पाटन मानकेड़ी सड़क के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया है ताकि क्षेत्र की जनता को इस दयनीय यातायात व्यवस्था से जल्द से जल्द बड़ी राहत मिल सके। शहपुरा में करीब 400 करोड़ की लागत से बने जिस रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में मात्र तीन साल के भीतर गंभीर खामियां पाई गईं उस पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने इस पूरे मामले की जांच के बाद निर्माण कार्य में साफ तौर पर लापरवाही बरतने के लिए तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक और संभागीय प्रबंधक के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए उनकी पेंशन रोकने के लिए पत्र जारी कर दिया है।

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