जबलपुर। पाटन के बिनैकी गांव में रहने वाली एक महिला के मृत्यु पूर्व हुए बयान के आधार पर उसके पति और सास के खिलाफ अपराध कायम किया गया है। मर्ग जांच में यह सामने आया था कि मृतिका के मायके पक्ष ने ससुराल में मृतिका आकांक्षा पटेल को कोई परेशानी नहीं होने का आवेदन दिया था, जिससे उसके बयान की छानबीन करके सारा माजरा सामने आ गया था।
नगर पुलिस अधीक्षक पाटन लोकेश डाबर ने बताया कि 17 जुलाई को नेशनल अस्पताल में बिनैकी निवासी आकांक्षा पटेल को जहरीली वस्तु का सेवन करने से उपचार हेतु भर्ती किया था। दौरान उपचार उसकी मृत्यु हो गयी थी। जांच में आकांक्षा पटेल के मायके पक्ष के कथन लेख किये गये, जिन्होंने अपने कथन में बताये कि आकांक्षा पटेल को ससुराल में किसी प्रकार की कोई परेशानी न होना, ससुराल पक्ष के द्वारा शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित न करना किसी प्रकार की दहेज की मांग न करना घटना के समय आकांक्षा पटेल के मायके पक्ष के लोग मृतिका की ससुराल में रहना पाया गया हैं एवं धोखे से किसी दवाई (जहरीली वस्तु) का सेवन करना बताया। मृतिका के मायके पक्ष द्वारा मृतिका के पति एवं सास के विरूद्ध कोई कार्यवाही न करने के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था।
पुलिस ने बताया कि मर्ग डायरी का अवलोकन पर कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं कार्यपालिक मजिस्टेªट अधारताल के द्वारा मृत्यु कालिक कथन आकांक्षा पटेल के नेशनल अस्पताल में डाक्टर एके वर्मा की उपस्थिति में लेख किया गया था, जिसमें आकांक्षा पटेल के पति, सास और आकांक्षा पटेल के बीच समझौता कराने के लिये आकांक्षा पटेल के पिता व मां का ससुराल ग्राम बिनेकी आना बताते हुये बतायी। पुलिस का कहना था कि सास जमुना बाई शादी के बाद से ही आकांक्षा पटेल से आये दिन लड़ाई करती थी। ताना मारती थी। पति को भड़काती थी तथा आये दिन पति पत्नी के बीच लड़ाई करवाती थी। इसी बात को लेकर माता पिता ससुराल समझौता कराने के लिये आये हुये थे। लेकिन सास समझने को तैयार नहीं थी। इसी बीच झगड़ा होना भी बतायी है। इन सभी बातों से परेशान होकर आकांक्षा पटेल ने जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया था। मर्ग की सम्पूर्ण जांच पर एवं मृतिका के मृत्यु कालिक कथन के अवलोकन पर मृतिका के पति सतेन्द्र पटेल एवं सास जमुना बाई के द्वारा मृतिका को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के कारण आकांक्षा द्वारा जहरीली वस्तु का सेवन कर आत्महत्या करना पाया था।

