जबलपुर। जिले की पाटन तहसील के अंतर्गत गत 27 जून को एक दर्दनाक और गंभीर हादसा सामने आया, जहां ग्रामीण सर्किल के अधीक्षण अभियन्ता के निर्देश पर आउट सोर्स विद्युत कर्मी धर्मेंद्र मेहरा 11 केवी विद्युत लाइन का डीओ फ्यूज लगाने के लिए डीपी के ऊपर चढ़े थे। कार्य के दौरान अचानक जोरदार करंट लगने से धर्मेंद्र मेहरा 15 फीट की ऊंचाई से नीचे जमीन पर आ गिरे जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस भयानक हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी बुरी तरह टूट गई जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी हालत बेहद नाजुक और गंभीर बनी हुई है। इस अमानवीय लापरवाही और गंभीर घटना को मीडिया रिपोर्ट के आधार पर जनहित में संज्ञान लेते हुए मप्र मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में सुनवाई की गई। आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा के अनुसार अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकल पीठ ने इसे प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन माना है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य अभियंता को आदेश दिया गया है कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और की गई कार्रवाई का पूरा प्रतिवेदन आगामी दो सप्ताह के भीतर आयोग को प्रस्तुत करें ताकि दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
