जबलपुर। मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। अब रोज ऐप के माध्यम से ई-अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों को पुरस्कार की उम्मीद छोड़नी होगी, क्योंकि शिक्षा पोर्टल-3.0 पर 90 फीसद ई-अटेंडेंस अपलोड होना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही लगातार 5 वर्षों तक 80 फीसद से अधिक परिणाम देने वाले उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों को ही आवेदन का अवसर मिलेगा। इस बार प्रदेश के प्रत्येक जिले से 2 शिक्षकों का चयन कर कुल 110 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। न्यूनतम 10 वर्ष की शिक्षकीय सेवा पूरी कर चुके नियमित कक्षा अध्यापन कराने वाले शिक्षक ही पात्र होंगे। इसके लिए 10 अगस्त तक आवेदन किए जा सकेंगे और 31 अगस्त को चयन सूची जारी होगी।
बेहतर रिजल्ट भी अब जरूरी शर्त
विभाग ने इस बार पात्रता को लेकर कड़े नियम तय किए हैं। ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक इस पुरस्कार के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। सेवानिवृत्त शिक्षक, शैक्षिक प्रशासक, शैक्षिक निरीक्षक और प्रशिक्षण संस्थाओं में पदस्थ शैक्षणिक संवर्ग को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जनशिक्षक, संविदा शिक्षक, अतिथि शिक्षक और छात्रावास अधीक्षक भी इसके लिए नामांकन नहीं कर सकेंगे। निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। चयन या अनुशंसा की प्रक्रिया के दौरान यदि किसी शिक्षक के खिलाफ अनुशासनहीनता, आपराधिक कृत्य, शिकायत, जांच या दंड का मामला सामने आता है, तो उनका आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। चयनित शिक्षकों को 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
दो मापदंडों के आधार पर होगा मूल्यांकन
पुरस्कार के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन 2 श्रेणियों मापदंड ए और मापदंड बी के तहत किया जाएगा। इसमें 5 साल के परीक्षा परिणाम के लिए कुल 60 अंक तय किए गए हैं। शेष 40 अंक शिक्षक द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 वर्षों तक किए गए शिक्षण कार्य, पुस्तक लेखन, विभागीय गतिविधियों में भागीदारी और एफएलएन कार्य के आधार पर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शिक्षक की भाषा शैली, व्यक्तित्व, विषय ज्ञान, उत्कृष्ट कार्यों के प्रस्तुतिकरण और कार्यों के समग्र प्रभाव पर 10-10 अंक प्रदान किए जाएंगे। इन सभी मानकों पर खरे उतरने वाले शिक्षकों को ही अंतिम चयन सूची में स्थान मिलेगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर आवेदनों की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी ताकि केवल योग्य शिक्षकों का ही चयन हो सके।
