जबलपुर. शहर के बीचोंबीच फुहारा क्षेत्र स्थित मच्छरहाई मार्केट में बुधवार 29 जुलाई को एक जर्जर इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि इमारत में मरम्मत कार्य कर रहे मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पिछले 24 घंटे में जर्जर निर्माण गिरने का यह दूसरा और इस बारिश के मौसम का चौथा मामला है।
बताया जाता है कि यतीन जैन की पुरानी इमारत की पिछले चार महीनों से मरम्मत चल रही थी। निर्माण कार्य के दौरान मजदूर इमारत के अंदर काम कर रहे थे। इसी दौरान भवन से अचानक चटकने की आवाज आने लगी, जिससे वहां मौजूद लोगों को खतरे का अंदेशा हुआ। आवाज सुनते ही मजदूरों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इमारत खाली कर दी। सभी के बाहर निकलने के करीब पांच मिनट बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। भवन गिरने से पूरे इलाके में तेज धमाके की आवाज आई और अफरा-तफरी मच गई।
बारिश के कारण कमजोर हुआ भवन
शहर में बारिश के चलते जर्जर इमारत पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। स्थानीय निवासी संजय जैन ने बताया कि यदि मजदूर समय रहते बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बताया कि राहत की बात यह रही कि इमारत में संचालित दुकानें पहले ही खाली करा ली गई थीं।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
फुहारा क्षेत्र में लगातार जर्जर भवन गिरने की घटनाओं के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक भवन गिरने के बाद निगम ने जर्जर इमारतों को चिन्हित करने की कार्रवाई की थी। इसके बावजूद एक और भवन के धराशायी होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर निगम समय रहते खतरनाक और जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई नहीं करता, तो भविष्य में बड़े हादसों से इंकार नहीं किया जा सकता।
