जबलपुर। विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई बड़े कार्यक्रमों के साथ शनिवार को जबलपुर में डिजिटल क्रांति का नया आग़ाज़ हो रहा है। नगर निगम के तत्वावधान में आयोजित इन कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं। वे दोपहर 12:00 बजे डुमना नेचर पार्क में मियावाकी पद्धति से 11 लाख पौधारोपण और जल संरक्षण के लिए कैच द रैन अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद दोपहर 12:45 बजे घंटाघर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्वेंसन सेन्टर में अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी। इसमें अमृत 1.0 सीवेज परियोजना, रजक समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त लॉन्ड्री क्षेत्र और गुरंदी में नव-निर्मित आधुनिक मत्स्य विक्रय केंद्र का लोकार्पण शामिल है। इस दौरान मुख्यमंत्री डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने हेतु पी.एम. स्वनिधि के वेंडरों को क्रेडिट कार्ड वितरित करेंगे।
पर्यावरण सुरक्षा के लिए विशाल हरित पहल
शहर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने की दिशा में यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डुमना नेचर पार्क परिसर में मियावाकी तकनीक से पौधे रोपे जाएंगे। इस विशेष जापानी तकनीक की मदद से कम समय में घना और प्राकृतिक जंगल तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल स्तर को सुधारने के उद्देश्य से कैच द रैन अभियान की भी शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के माध्यम से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर पानी की कमी को दूर करने में सहायता मिलेगी।
शहरी सुविधाओं और व्यापार को मिलेगा बल
शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अमृत 1.0 सीवेज परियोजना की शुरुआत से गंदे पानी के प्रबंधन में सुधार होगा। स्थानीय रजक समाज के कल्याण और उनकी सुविधा के लिए सर्वसुविधायुक्त लॉन्ड्री क्षेत्र समर्पित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गुरंदी क्षेत्र में नव-निर्मित आधुनिक मत्स्य विक्रय केंद्र चालू होने से मछली कारोबारियों को संगठित और स्वच्छ माहौल मिलेगा। डिजिटल लेनदेन को गति देने के लिए स्ट्रीट वेंडरों को क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए जाएंगे।
