इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दफ्तर के भीतर घुसने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस बल ने रोका। इस दौरान वाकई में कुंभकर्ण की तरह प्रदर्शन के बावजूद बोर्ड का कोई भी अधिकारी बाहर नहीं आया। प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस ने बोर्ड प्रशासन की बेरुखी पर तंज कसने के लिए एक अनोखा और सांकेतिक तरीका अपनाया। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर कुंभकर्ण को नींद से जगाने का स्वांग रचा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जनता की बुनियादी समस्याओं को दरकिनार कर कुंभकर्णीय नींद में सोए हुए हैं, जिन्हें जगाने के लिए यह प्रतीकात्मक कदम उठाना पड़ा। युवक कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि आठ वार्डों के हजारों नागरिक पानी के लिए तरस रहे हैं और वार्डों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इस जनविरोधी स्थिति को लेकर बोर्ड प्रशासन और सीईओ को लगातार लिखित और मौखिक शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। लगातार हो रही अनदेखी के कारण क्षेत्र के निवासियों का जीवन दूभर हो चुका है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कैंटोनमेंट बोर्ड ने जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया, तो यह केवल एक शुरुआत है। कांग्रेस आने वाले दिनों में प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन की होगी।