साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार करने में मिलेगी अहम भूमिका
राजेश कुमार गुप्ता की अगुवाई में एमपी एसएलडीसी की साइबर सुरक्षा प्रणाली को देश के अग्रणी मॉडलों में शामिल किया गया है। वे विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित उस राष्ट्रीय कार्य समूह का भी हिस्सा हैं जो लोड डिस्पैच केंद्रों के लिए आईटी और ओटी अभिसरण आर्किटेक्चर की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस तकनीकी समिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और अन्य अग्रणी संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। मंत्री के अनुसार यह चयन मध्य प्रदेश की तकनीकी दक्षता और साइबर सुरक्षा क्षमता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। उनका अनुभव देश की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचनाओं को सुरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
विद्युत क्षेत्र की सुरक्षा अब होगी और अधिक अभेद्य
समिति अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक विशेष ढांचा तैयार करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य विद्युत क्षेत्र के साथ अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है। इससे बढ़ते साइबर खतरों का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सकेगा। यह प्रयास डिजिटल युग में बिजली आपूर्ति जैसे संवेदनशील तंत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
