विहिप के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मजदूर हितों के लिए आवाज उठाने वाले यूनियन पदाधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन पर झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा दर्ज कराई गई पुरानी शिकायतों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायतों पर तुरंत प्रकरण दर्ज कर लिए गए। संगठनों ने आरोप लगाया कि 27 फरवरी को सोनू कुशवाहा और 24 मार्च को महेंद्र यादव व कृपाल चौधरी द्वारा धमकी व अभद्र व्यवहार की दी गई शिकायतों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, यूनियन पदाधिकारियों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज कर लिए गए। शिकायतकर्ता अमित कुमार के शपथपत्र का हवाला देते हुए बताया गया कि 16 सितंबर 2025 के इस्तगासा क्रमांक 627/25 में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, अमित कुमार ने 4 जुलाई को शपथपत्र देकर कहा कि विवाद केवल दीपक विश्वकर्मा से था और उन्होंने कल्लू कुशवाहा, गुरुदयाल यादव और सोनू कुशवाहा के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की थी। खमरिया थाना द्वारा 24 जून को जारी प्रमाण-पत्र 507/26 में यह स्पष्ट है कि सोनू कुशवाहा के खिलाफ पहले कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं था, फिर भी उन्हें इस कार्रवाई में शामिल किया गया। इसके अलावा, अपराध क्रमांक 298/2025 आज तक न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है, और अपराध क्रमांक 183/2026 में भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
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