आगरा. उत्तर मध्य रेलवे के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ऑन ड्यूटी डिप्टी एसएस (इंडोर) को आरपीएफ जवानों ने जमीन पर पटककर लात-जूतों से जमकर पीटा। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। डिप्टी एसएस की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने एक महिला यात्री के ट्रेन में न चढ़ पाने पर ट्रेन रुकवा दी थी।इसके बाद आरपीएफ जवानों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में पकड़ लिया। इसको लेकर ही झगड़ा हुआ। रविवार सुबह करीब 11 बजे हुई इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस घटना के बाद रेल कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया. रेलवे के मजदूर संगठन भी लामबंद हो गये. जिसके बाद बाद 4 आरपीएफ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
यह घटनाक्रम रविवार सुबह करीब 11 बजे प्लेटफार्म नंबर-1 पर गाड़़ी संख्या 20808 अमृतसर से हीराकुंड एक्सप्रेस ट्रेन आई थी। इसी दौरान एक महिला यात्री उसी ट्रेन से नीचे उतरी और कुछ सामान खरीदने लगी। तभी ट्रेन चलने लगी। महिला यात्री ने चलती ट्रेन में चढऩे का प्रयास किया, लेकिन नहीं चढ़ पाई। इस पर स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने महिला को भागते देखकर वॉकी-टॉकी से लोको पायलट को सूचना दी और ट्रेन रुकवा दी।
ट्रेन की रफ्तार कम हुई, तो महिला उसमें चढऩे लगी। तभी वहां तैनात आरपीएफ कर्मी ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने इसका विरोध किया। कहा कि ट्रेन को उन्होंने रुकवाया है, लेकिन, आरपीएफ जवान ने उनकी बात नहीं मानी। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। फिर दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई।
आरपीएफ जवानों ने थप्पड़ मारा, घसीटते ले गए
इसी बीच आरपीएफ जवान ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद सभी ष्ठस्स् नरेंद्र चाहर को पकड़कर ले जाने लगे। उन्होंने विरोध किया, तो पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। करीब 1 मिनट तक इसी तरह धक्का-मुक्की चलती रही। इस बीच, नरेंद्र चाहर के केबिन में मौजूद स्टाफ आरपीएफ के जवानों को ऐसा नहीं करने को कहते रहे। लेकिन, उनकी अनदेखी करते हुए आरपीएफ की टीम ष्ठस्स् को घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए। इस दौरान डिप्टी एसएस फर्श पर छटपटाते रहे। लेकिन, 4 आरपीएफ कर्मी उनको हाथ-पैर पकड़कर करीब 300 मीटर घसीटते रहे। आरपीएफ के जवानों का आरोप है कि डिप्टी एसएस ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की थी।
रेलकर्मियों ने किया प्रदर्शन
डिप्टी एसएस के साथ मारपीट की सूचना पर रेलवे कर्मचारी इकट्ठा हो गए। उन्होंने आरपीएफ थाने के बाहर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि आरपीएफ ने महिला यात्री की मदद करने पर ष्ठस्स् के साथ अमानवीयता की है। घटना के बाद आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कॉन्स्टेबल बदन सिंह और कॉन्स्टेबल जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है।
