जबलपुर। गोरखपुर में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। थाना गोरखपुर क्षेत्र में तीन अलग-अलग पीड़ितों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। इनमें मनोज कुमार नामदेव ने बताया कि ट्यूब ऐप डाउनलोड करने से मोबाइल हैक हुआ और उनके आईसीआईसीआई तथा पंजाब नेशनल बैंक खाते से 2 लाख 70 हजार रुपये निकल गए। वहीं शैलेश जैन के साथ लिंक पर क्लिक करने से 1 लाख 39 हजार रुपये की ठगी हुई। इसके अलावा शिक्षिका आराधना सिंधिया के मोबाइल पर पेंशन कार्ड का फर्जी मैसेज भेजकर उनके इंडसइंड बैंक खातों से 2 लाख 47 हजार 500 रुपये उड़ा लिए गए। इन तीनों मामलों में पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया है और साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी गई है। शहर में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
एप डाउनलोड किया और मोबाइल हुआ हैक
साइबर अपराधियों का पहला शिकार मनोज कुमार नामदेव बने। उन्होंने रील देखने के लिए एक ट्यूब ऐप डाउनलोड किया, जिससे उनका मोबाइल तुरंत हैक हो गया। हैकर्स ने 8 जून और 9 जून को उनके आईसीआईसीआई बैंक से 90 हजार और पंजाब नेशनल बैंक से 1 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित को ठगी का पता तब चला जब उन्होंने गूगल पे पर अपना बैलेंस चेक किया। कुल मिलाकर उनके खातों से 2 लाख 70 हजार रुपये गायब हो गए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मोबाइल में अनजान ऐप इंस्टॉल करने के प्रति लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है।
लिंक पर क्लिक करते ही खाली हुए खाते
दूसरे मामले में शैलेश जैन ठगी के शिकार हुए। 7 जुलाई को उन्हें व्हाट्सएप पर एक लिंक मिला, जिसमें आधार और डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी गई। जानकारी भरते ही उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से तीन किस्तों में 1 लाख 39 हजार रुपये कट गए। इसी प्रकार, तीसरी घटना में आराधना सिंधिया को इंडसइंड बैंक पेंशन कार्ड का झांसा दिया गया। मैसेज खोलते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और उनके व्यक्तिगत खाते से 1 लाख 59 हजार तथा पति के साथ संयुक्त खाते से 88 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए। ठगों ने कुल 2 लाख 47 हजार 500 रुपये पर हाथ साफ कर दिया।
सुरक्षा के प्रति बरते अत्यधिक सावधानी आमजन
पुलिस के अनुसार, आजकल ठग मोबाइल हैक करने के लिए अनधिकृत ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। किसी भी अनजान लिंक को क्लिक करना या व्यक्तिगत जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है। इन घटनाओं में एक बात समान है कि सभी पीड़ितों के मोबाइल हैक किए गए और बैंक खातों से राशि काटी गई। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें और अनजान ऐप्स से दूरी बनाए रखें। बैंक संबंधी ओटीपी या पिन कभी किसी से साझा न करें। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और बैंक विवरणों की बारीकी से जांच कर रही है।
