जबलपुर। रांझी स्थित सुदर्शन वार्ड में सेंट मेरी स्कूल के पास प्रस्तावित सड़क निर्माण का काम शुरू होने से पहले ही विवादों में फंस गया है। नगर निगम ने यहां सड़क बनाने के लिए जो निर्माण सामग्री गिराई थी उसे व्हीकल फैक्ट्री प्रशासन ने उठा लिया है। व्हीकल फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र रक्षा दायरे में आता है, जिसके कारण नगर निगम को निर्माण के लिए पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी था, जो निगम ने नहीं लिया। नगर निगम की इस प्रशासनिक चूक के चलते सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान हुआ है। अब स्थिति यह है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण सड़क का कार्य बीच में ही रुक गया है और सवाल उठ रहे हैं कि टेंडर जारी करते समय रक्षा विभाग की शर्तों को नजरअंदाज क्यों किया गया।
रक्षा विभाग के नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा सामग्री गिराए जाने के बाद उसे व्हीकल फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा हटा देने से नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नियम के अनुसार रक्षा क्षेत्र के दायरे में आने वाले किसी भी निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी करने से पहले उचित अनुमति लेना अनिवार्य था, लेकिन निगम ने सुरक्षा पहलुओं को दरकिनार कर दिया। इस गलत फैसले के कारण नगर निगम को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि ठेकेदार को निर्माण सामग्री खरीदने और 20 प्रतिशत राशि के भुगतान का पहले ही नुकसान हो चुका है। अब सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि नगर निगम की इस लापरवाही के कारण हुए इस आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधि समाधान के लिए कर रहे प्रयास
सड़क का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। फिलहाल इस समस्या के समाधान के लिए कैंट विधायक निजी तौर पर व्हीकल फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत कर रहे हैं। यह मार्ग सेंट मेरी स्कूल को मुख्य सड़क से जोड़ेगा, जिससे बारिश के समय बच्चों को जलभराव से होने वाली परेशानी से मुक्ति मिलेगी। पार्षद का मानना है कि यदि सड़क बन जाती है तो बच्चों के साथ-साथ फैक्ट्री कर्मियों को भी आवागमन में काफी आसानी होगी। अब पूरा प्रशासनिक तंत्र इस मामले को सुलझाने और रक्षा विभाग के नियमों के भीतर रहकर सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
